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JBVNL: आमदनी अठन्नी और खर्चा रूपया, खर्च के लिये 10800 करोड़ की जरूरत

Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम पिछले कुछ समय से राजस्व प्राप्ति में बल दे रहा है. इसके लिये समय समय पर बिलिंग कलेक्शन के लिये टीमों को अलग अलग इलाकों में भेजा जाता है. वहीं, बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर भी राजस्व की वसूली की जाती है. समय समय पर सरकार की ओर से भी अलग अलग स्कीम के तहत निगम को आर्थिक मदद की जाती है. जबकि निगम को मजबूत करने के लिये भी कई योजनाएं लायी गयी है. इसके बाद भी जेबीवीएनएल के रेवेन्यू गैप में वृद्धि दर्ज की जा रही है.

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पिछले कुछ साल के निगम के राजस्व प्राप्ति और मेंटनेंस व्यय रेवेन्यू गैप से इसकी जानकारी होती है. साल 2023 – 24 के आंकड़ों को देखें तो अब तक निगम को 6769 करोड़ रूपये की प्राप्ति राजस्व वसूली से हुई. निगम का अलग अलग मदों में खर्च लगभग 8347 करोड़ रूपये हुए. ऐसे में इस दौरान रेवेन्यू गैप 2533 करोड़ रूपये है.

बता दें निगम को राजस्व प्राप्ति बिलिंग से होती है. वहीं, रेवेन्यू गैप वो आंकड़ा है जिसमें बिलिंग वसूली के लक्ष्य के अनुसार मेंटनेंस खर्च में बड़ा अतंर होता है. बिलिंग वसूली की राशि से ही जेबीवीएनएल बिजली खरीद, मेंटनेंस समेत अन्य खर्च निकालता है.

नियामक आयोग को सौंपे प्रस्ताव में घाटे की जानकारी

30 नवंबर को जेबीवीएनएल की ओर से राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव सौंपा गया. प्रस्ताव में निगम के सभी खर्च और जरूरत बताये गये है. इसके अनुसार पिछले कुछ सालों से बिजली टैरिफ में विशेष वृद्धि नहीं होने से निगम घाटा में है. निगम को इससे उभरने के लिये लगभग 10800 करोड़ रूपये चाहिये. जो निगम का अपना खर्च है. सिर्फ बिजली बिल से 9302 करोड़ रुपए का राजस्व चाहिए. ऐसे में निगम ने साल 2023 -24 के लिये 25 फीसदी बिजली बिल में वृद्धि की मांग की गयी है. साल 2022 -23 में रेवेन्यू गैप 3122 करोड़ रूपये रहा.

2023 -24 में अब तक कितनी बिजली की खरीद

इस साल एनटीपीस से 2092 करोड़ रूपये की बिजली खरीदी गयी. इसी तरह सेंट्रल ग्रिड से 2305 करोड़, एनएचपीसी 93 करोड़ रूपये की. डीवीसी से 1556 करोड़, टीवीएनएल से 900 करोड़, आधुनिक पावर से 450 करोड़ की बिजली खरीदी गयी. सोलर और पवन उर्जा से बिजली खरीद के लिये लगभग 540 करोड़ रूपये खर्च किये गये.

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