
Gomiya: गोमिया प्रखंड के खम्हरा पंचायत के करमाटांड़ गांव में मनरेगा योजना के तहत बनाया गया 35 फुट का सिंचाई कूप पहली बरसात भी नहीं झेल सका. गुरुवार को हुई बारिश में कुआं धंस गया. ये कुआं करमाटांड़ गांव के लाभुक अशोक कुमार पासवान के घर के पास दो लाख 29 हजार रुपए की लागत से बनाया गया था.

कूप निर्माण में कई खामियां, सिमेंट की जगह मीट्टी से की गई जोड़ाई
खम्हरा पंचायत के उप मुखिया राजेश साव एवं वार्ड सदस्य मनोज बेसरा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उक्त कुएं के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई थी. आरोप है कि प्राक्कलन के मुताबिक सीमेंट, ईंट और बोल्डर की अनदेखी की गई. सीमेंट की जगह मिट्टी से ईट की जुड़ाई की गई थी. इसका स्थानीय युवाओं ने विरोध किया और तस्वीरें 30 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल कर दी.

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तस्वीरें वायरल होने पर भी नहीं संभला इंजीनियर और ठेकेदार
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बावजूद प्रशासनिक की ओर से लापरवाही बरती गई. परिणाम सामने है. गुरुवार की बारिश और पानी का रिसाव हो जाने से पूरा कुआं भरभराकर धंस गया. मनरेगा के तहत बनने वाला सिंचाई कूप 35 फिट गहरा होता है. इसमें बोल्डर की जोड़ाई सीमेंट से करनी है. 15 इंच की घेराबंदी होनी चाहिए, जो 10 इंच की की गई. नीचे की पूरी जोड़ाई सिमेंट की जगह मिट्टी से की गई.
स्थानीय कर रहे जांच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कूप निर्माण में घोर अनियमिता बरती गई है. इसकी विभागीय जांच होनी चाहिए. ग्रामीणों ने रोजगार सेवक, मेठ, पंचायत सेवक एवं कनीय अभियंता को दोषी ठहराया है. बोकारो उपायुक्त से उपरोक्त मामले की पड़ताल कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
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