
Ranchi: सड़क सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत रांची समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ रवाना किया गया. डीसी रांची राहुल कुमार सिन्हा, वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण कुमार प्रकाश, अपर समाहर्त्ता राजेश बरवार, पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार चौबे ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया. रथ के माध्यम से आम जनों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी और पालन के प्रति जागरूक किया जाएगा. डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि जागरूकता रथ पूरे शहर में चलाया जाएगा. हमें उम्मीद है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान यातायात एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी मिलने से लोगों को लाभ होगा, सड़क दुर्घटना को रोकने में हम कामयाब होंगे. वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने कहा कि गोल्डन ऑवर में सड़क दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति की मदद करने वाले व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी ना हो, इससे संबंधित सभी थानों को सूचना दी गई है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोग अपनी जिम्मेदारी समझें, नियम कानून का पालन करें ताकि सड़क हादसों में कमी आए.
लोगों को जागरूक करने के लिए अच्छा माध्यम-उपायुक्त
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 11-17 जनवरी 2023 तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है. इसके आलोक में जागरूकता हेतु प्रतिदिन सड़क सुरक्षा समिति द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उपायुक्त ने कहा कि शहरों के विकास, बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ वाहनों की संख्या में भी दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है. इससे सड़क हादसे भी हो रहे हैं और लोगों की जान भी जा रही है. इसके लिए जरूरी है कि वाहन चालकों और सड़क पर चलने वाले लोगों को ट्रैफिक से संबंधित नियम एवं कानून की जानकारी हो, लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ अच्छा माध्यम है.
हिट एंड रन केस में मुआवजे का प्रावधान
मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भी कई कानून बनाए गए हैं. जैसे हिट एंड रन के मामले में 200000 रु का मुआवजा का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि बहुत सारे लोगों को यह जानकारी नहीं है कि इस प्रकार की दुर्घटना होने पर किस तरह से आवेदन करना है और कैसे लाभ प्राप्त करना है, जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को इससे संबंधित जानकारी भी दी जाएगी.
नए नियम और रिलैक्सेशन भी
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने और दुर्घटना से प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा लाभ मिले इसके लिए नए नियम और रिलैक्सेशन भी दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि गोल्डन ऑवर में (सड़क दुर्घटना के बाद 1 घंटे का समय) सड़क दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से किसी तरह की पूछताछ नहीं होती है, साथ ही गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वालों को ₹2000 भी दिये जाने का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि अस्पताल का कर्तव्य होता है कि वह मरीज की जान बचाएं. उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर (पुलिस- प्रशासनिक पदाधिकारी और हॉस्पिटल) को जागरूक होने की जरूरत है. मानवीय आधार पर भी सड़क दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति को सहायता पहुंचाना हमारा कर्तव्य है.
सड़क सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत रांची समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ रवाना किया गया. डीसी रांची राहुल कुमार सिन्हा, वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण कुमार प्रकाश, अपर समाहर्त्ता राजेश बरवार, पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार चौबे ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया. रथ के माध्यम से आम जनों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी और पालन के प्रति जागरूक किया जाएगा. डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि जागरूकता रथ पूरे शहर में चलाया जाएगा. हमें उम्मीद है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान यातायात एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी मिलने से लोगों को लाभ होगा, सड़क दुर्घटना को रोकने में हम कामयाब होंगे. वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने कहा कि गोल्डन ऑवर में सड़क दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति की मदद करने वाले व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी ना हो, इससे संबंधित सभी थानों को सूचना दी गई है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोग अपनी जिम्मेदारी समझें, नियम कानून का पालन करें ताकि सड़क हादसों में कमी आए.
लोगों को जागरूक करने के लिए अच्छा माध्यम-उपायुक्त
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 11-17 जनवरी 2023 तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है. इसके आलोक में जागरूकता हेतु प्रतिदिन सड़क सुरक्षा समिति द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उपायुक्त ने कहा कि शहरों के विकास, बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ वाहनों की संख्या में भी दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है. इससे सड़क हादसे भी हो रहे हैं और लोगों की जान भी जा रही है. इसके लिए जरूरी है कि वाहन चालकों और सड़क पर चलने वाले लोगों को ट्रैफिक से संबंधित नियम एवं कानून की जानकारी हो, लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ अच्छा माध्यम है.
हिट एंड रन केस में मुआवजे का प्रावधान
मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भी कई कानून बनाए गए हैं. जैसे हिट एंड रन के मामले में 200000 रु का मुआवजा का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि बहुत सारे लोगों को यह जानकारी नहीं है कि इस प्रकार की दुर्घटना होने पर किस तरह से आवेदन करना है और कैसे लाभ प्राप्त करना है, जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को इससे संबंधित जानकारी भी दी जाएगी.
नए नियम और रिलैक्सेशन भी
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने और दुर्घटना से प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा लाभ मिले इसके लिए नए नियम और रिलैक्सेशन भी दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि गोल्डन ऑवर में (सड़क दुर्घटना के बाद 1 घंटे का समय) सड़क दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से किसी तरह की पूछताछ नहीं होती है, साथ ही गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वालों को ₹2000 भी दिये जाने का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि अस्पताल का कर्तव्य होता है कि वह मरीज की जान बचाएं. उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर (पुलिस- प्रशासनिक पदाधिकारी और हॉस्पिटल) को जागरूक होने की जरूरत है. मानवीय आधार पर भी सड़क दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति को सहायता पहुंचाना हमारा कर्तव्य है.
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