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13 दिन बाद भी नहीं बना हेमंत सोरेन का पूरा मंत्रिमंडल, विभागों के बंटवारे में अड़चन

  • प्रमुख विभागों को लेकर कांग्रेस में खींचतान जारी, दिल्ली गये हेमंत, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे

Ranchi : राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बने 13 दिन बीत चुके हैं. लेकिन अभी तक नयी सरकार की पूर्ण कैबिनेट का गठन नहीं हो सका है.

29 दिसंबर को जेएमएम के हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. वहीं कांग्रेस कोटे से कांग्रेस प्रदेश अध्य़क्ष रामेश्वर उरांव और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और आरजेडी कोटे से सत्यानंद भोक्ता ने शपथ ली है.

यानी 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री और तीन मंत्रियों ने शपथ ली है. लेकिन 8 मंत्रियों के शपथ नहीं लेने का असर यह है कि प्रोजेक्ट भवन स्थित सचिवालय में कई कामों के निर्णय लेने में विभागीय अधिकारियों को परेशानी हो रही है.

चर्चा यह भी है कि प्रमुख विभाग को लेकर भी कांग्रेस के दो मंत्री लाबिंग कर रहे हैं. इसमें वित्त और गृह जैसे विभाग शामिल हैं. इसके अलावा अभी तक तीन मंत्रियों के शपथ लेने के बाद भी इन्हें विभाग नहीं देने से विधायकों में नाराजगी दिख रही है.

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विधानसभाध्यक्ष पद जेएमएम के कोटे में, कांग्रेस को 5 मंत्री पद मिलना तय

मंत्रियों के शपथ नहीं लेने के पीछे खरमास को प्रमुख कारण बताया जा रहा है. लेकिन हकीकत कुछ और ही है. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि विभागों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और जेएमएम के बीच अभी तक सहमति नहीं बन पायी है.

शपथ लेने के बाद अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ हेमंत सोरेन. बीच में हैं राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू. फाइल फोटो.

पहले चर्चा थी कि कांग्रेस कोटे में चार मंत्री पद के साथ विधानसभाध्यक्ष का पद आ सकता है. लेकिन विधानसभाध्यक्ष का पद जेएमएम के खाते में जाने के बाद यह पक्का हो गया है कि कांग्रेस को हेमंत मंत्रिमंडल में 5 मंत्री पद मिलना तय है.

महत्वपूर्ण विभागों को लेकर दोनों दलों के बीच जो खींचतान है, उसके निपटारे के लिए शुक्रवार को दिल्ली गये हेमंत सोरेन शनिवार कांग्रेस अध्य़क्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे.

दिल्ली और रांची में लॉबिंग का दौर जारी

सूत्रों का कहना है कि मंत्री पद पाने के लिए दोनों दल के विधायक अपनी ताकत झोंके हुए हैं. दो दिन पहले कांग्रेस की बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद के मंत्री बनने की चर्चा जोरों से उठी थी. हालांकि बाद में स्वयं विधायक अंबा ने इस बात का खंडन किया था.

इससे साबित होता है कि कांग्रेस कोटे से मंत्री बनने को लेकर सभी लाबिंग कर रहे हैं. इसके लिए कांग्रेस के विधायकों की दिल्ली दौड़ तेज हो गयी है. वहीं जेएमएम के विधायक रांची में ही लॉबिंग करने में जुट गये हैं.

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गृह-वित्त जैसे विभाग को लेकर कांग्रेस में खींचतान 

मंत्री पद के दावे के साथ कांग्रेस के अंदर भी प्रमुख विभाग लेने को लेकर मंत्रियों के बीच खींचतान जारी है. पार्टी कोटे से शपथ लेनेवाले दो मंत्री रामेश्वर उरांव और आलमगीर आलम के बीच महत्वपूर्ण विभाग को लेकर खींचतान चल रही है.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी वित्त और गृह दोनों विभाग अपने पास रखना चाहती है. आलमगीर जहां वित्त विभाग की ख्वाहिश रखते हैं. वहीं रामेश्वर उरांव गृह विभाग रखना चाहते हैं. लेकिन जेएमएम नहीं चाहेगा कि दोनों विभाग कांग्रेस के खाते में जाये.

अगर दोनों में कोई भी एक पद कांग्रेस के कोटे में आता है, तो भी दोनों नेताओं के बीच पद को लेकर अंदरूनी संघर्ष हो सकता है. बता दें कि दोनों ही विभाग को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.

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