
Pakud : जिले के अमड़ापाड़ा में वर्षों से बंद पड़ी पचुवारा सेंट्रल कोल ब्लॉक परियोजना के सिम में पिछले चार पांच सप्ताह से आग लगी होने की खबर आई है. उल्लेखनीय है कि इस सिम में करीब साठ करोड़ टन कोल रिजर्व है.
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काबू नहीं पाया गया तो झरिया बन सकता है क्षेत्र
पहले भी इस कोल ब्लॉक परियोजना के सिम में वर्ष 2015 तथा 2016 में आग लग चुकी है. जिसे उस वक्त बड़ी मुश्किल से बुझाया जा सका था. जानकार लोगों के मुताबिक कोल सिम में लगी आग अंदर ही अंदर फैल रही है. जल्द ही अगर इस पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में यह क्षेत्र भी झरिया की तरह बन सकता है.
आग लगने के बावजूद ग्रामीण बगल से कोयला खोद रहे हैं. जो कि ग्रामीणों के लिए ना सिर्फ खतरनाक है बल्कि इससे उनकी जान भी जा सकती है. जरुरत है प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करने की ताकि किसी भी तरह की बड़ी घटना को होने से टाला जा सके.
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क्या कहते हैं जिला खनन पदाधिकारी
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी उत्तम कुमार विश्वास ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है और उन्होंने तुरंत पट्टाधारी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को पत्र भेज कर अविलंब सभी जरूरी कदम उठाने को कहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि कोल सिम अथवा रिजर्व में इस तरह की आग का लगना एक सामान्य प्राकृतिक व स्वाभाविक प्रक्रिया है. इसे लेकर बहुत ज्यादा चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है.




