
Ranchi : लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों की घऱ वापसी पर किराया वसूलने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच वाकयुद्ध लगातार जारी है. कांग्रेस अध्य़क्षा सोनिया गांधी के मजदूरों का किराया प्रदेश इकाई द्वारा भुगतान किये जाने के निर्णय के बाद बीजेपी नेता भी आगे आकर मजदरों को मदद देने को केंद्र की उपलब्धि बता रहे हैं. इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्य़क्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्य़क्षा के निर्देश के बाद बीजेपी वाले तिलमिला गये है.
इसे भी पढ़ेंः प्रवासी मजदूरों से किराया वसूले जाने पर रेलवे बोला- राज्यों से लिया जा रहा 15% भाड़ा, कांग्रेस ने कहा- वापस लें आदेश
अपने को बैकफुट में जाते देख बीजेपी नेता कह रहे हैं कि केंद्र ने 85 प्रतिशत सब्सिडी दिया है. डॉ उरांव ने कहा कि केंद्र के पास आपके पास इतना पैसा है. पीएम केयर में भी काफी राशि आयी है. तो क्यों नहीं केंद्र की मोदी सरकार ने मजदूरों का पूरे किराया (100 प्रतिशत) माफ कर दिया. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड सरकार ने पहले ही केंद्र सरकार से यह मांग की थी कि प्रवासी मजदूरों और छात्रों से किराया नहीं लिया जाए.
प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हैरत की बात यह है कि केंद्र सरकार को बाकायदा राज्य सरकार की तरफ से अंडरटेकिंग भी लिख कर दी गई.. इसके बावजूद उन गरीब मजदूरों से भाड़ा वसूला गया है.
इसे भी पढ़ेंः ऐसे वक्त में जब केंद्र सरकार मजदूरों से रेल भाड़ा वसूल रही है, कांग्रेस ने श्रमिकों को किराया देने का शुरू किया अभियान
पीएम केअर पर आयी फंड पर भी प्रदेश अध्य़क्ष ने उठाया सवाल
इस दौरान डॉ रामेश्वर उरांव ने कोरोना महामारी को लेकर बने पीएम केयर के ऊपर सवाल खड़ा किये. उन्होंने कहा कि पीएम केअर फंड में करोड़ों रुपए जमा किए गए हैं. बड़े-बड़े उद्योगपति उस फंड में पैसे जमा कर रहे हैं. उसका कोई हिसाब नहीं है. केंद्र सरकार को भी बताना चाहिए कि फंड में कितना पैसा जमा हुआ और क्या खर्च हुआ.
मजदूरों की आर्थिक तंगी की बात कर डॉ उरांव ने कहा कि केंद्र को यह बात समझनी चाहिए कि मजदूर देश बनाते हैं केवल उद्योगपतियों के से देश नहीं बनता है. लेकिन लॉकडाउन में जब उनके पास रोजगार नहीं है, ऐसे में उनसे किराया वसूलना सही नहीं है.
इसे भी पढ़ेंः प्रवासी मजदूरों से घर वापसी के लिए अधिक किराया वसूलने के पीछे कौन सा गणित और रणनीति काम रही है, इसे समझिये
प्रवासी मजदूरों से ट्रेन का किराया वसूलने पर हो रही राजनीति
बता दें कि कोरोना और देशव्यापी लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे मजदूरों के लिए चलाई जा रही `श्रमिक स्पेशल` रेलगाड़ियों के किराए को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. बीजेपी जहां लगातार कह रही है कि मजदूरों के किराये में रेलवे 85 प्रतिशत सब्सिडी दे रहा है. जबकि 15 प्रतिशत राज्यों को देना है. रेलवे के हवाले से भी यह बात सामने आयी है कि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए ट्रेन राज्यों के मांग पर चलायी जा रही है.
ऐसे में किराया भी सरकार को देना है. वहीं कांग्रेस अध्य़क्षा सोनिया गांधी ने केंद्र पर यह आरोप लगाया है कि इस मुश्किल घड़ी में भी केंद्र सरकार और रेलवे मजदूरों से किराया वसूल रही है. मजदूरों की स्थिति को देख सोनिया ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमिटी को निर्देश दिया है कि कांग्रेस की राज्य इकाई इन मजदूरों का किराया भरेगी.
इसे भी पढ़ेंः #FightAgainstCorona : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में 3900 मामले सामने आये, 195 लोगों की मौत हुई




