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शिक्षा विभाग के दलालों पर महीने भर में कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन करूंगा : परमार

Dhanbad : झारखंड अस्मिता जागृति मंच के बैनर तले रंजीत सिंह परमार की अध्यक्षता में सैकड़ो अभिभावक पांच सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को रणधीर बर्मा चौक पर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठे. परमार ने कहा कि शिक्षा विभाग में अनियमितता और धांधली यदि एक महीने में नहीं रुकी तो वह आमरण अनशन कर प्राण त्याग देंगे.

इस मौके पर अभिभावकों ने निजी विद्यालयों द्वारा सत्र 2019-20 में शुल्क बृद्धि पर रोक लगाने और उच्च न्यायालय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के आदेश के आलोक में जिला शिक्षा अधीक्षक के आदेश संख्या 470 दिनांक 28-02-2019 की अहवेलना पर आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से इसे लागू कराने की मांग की.

रणजीत परमार ने कहा, “शिक्षा और स्वास्थ विभाग सबसे करप्ट विभाग हो गया है, जिसमें शिक्षा एक नम्बर पर है. खास तौर पर अगर ऐसे लोग जो मंत्री पद पर रह कर कॉलेज चलाते हों तो कार्रवाई कैसे होगी. स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चन्द्रवंशी के कुल 22 कॉलेज हैं, बीएड और इंजीनियरिंग मिलाकर. शिक्षा मंत्री नीरा यादव के भी कई स्कूल व कॉलेज हैं. गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के भी कई स्कूल और कॉलेज हैं.”

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‘बिचौलिये का काम करते थे अभिभावक संघ के अध्यक्ष’

परमार ने कहा कि झारखण्ड सरकार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मनोज जयसवाल (सरकार के संयुक्त सचिव ) द्वारा पत्रांक 258/p, s CELL ,26 ,04 ,2019 द्वारा सत्र 2017 -19 में BPL कोटे में हुए धांधली, पैसे का लेनदेन पर डीएसई विनीत कुमार, किरानी संजय कुमार, बिचौलिया मनोज कुमार मिश्रा पर अनुमंडल पदाधिकारी अनन्य मित्तल (IAS) के जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाई का आदेश, निदेशक प्राथमिकता शिक्षा झारखंड को दिया गया था,परंतु इस पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गयी.

यही नहीं, झारखंड सरकार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव माननीय देवेंद्र भूषण सिंह के पत्रांक संख्या 1096 दिनांक 16.11.2018 द्वारा उपायुक्त धनबाद एवं जिला शिक्षा अधीक्षक विनीत कुमार को सीधे पत्रांक द्वारा उपरोक्त स्कूल पर शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के विविन्न धाराओ के अहवेलना पर कार्यवाई करने का आदेश दिया, परन्तु उपायुक्त एवं जिला शिक्षा अधीक्षक विनीत कुमार द्वारा नौ महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्यवाई नही की. इतना ही नही इन लोगो ने सचिव स्तर के पदाधिकारियों के साथ भी फर्जीवाड़ा किया.

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‘सात वर्षीय सौरभ के भविष्य से खिलवाड़’

परमार ने बताया कि 2017 से 2019 तक सात वर्षीय सौरभ बर्मा के भविष्य के साथ स्कूल प्रबंधकऔर जिला शिक्षा अधीक्षक ने खिलवाड़ किया. बीपीएल सूची में नाम आने के बाद भी सौरभ का अभी तक नामांकन नहीं हुआ.

भूख हड़ताल पर सौरभ के साथ बैठे सौरभ के पिता की मानें तो बेटे सौरभ के बीपीएल में नामांकन के लिए अभिभावक संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा और जिला शिक्षा अधीक्षक विनीत कुमार 30 हजार रुपये घुस मांग रहे थे. घूस की रकम नही देने के कारण पेपर में कुछ कमी को लेकर रद्द कर दिया.

‘आखिर कब तक चलेगी शिक्षा विभाग में धांधली?’

परमार ने न्यूज विंग से बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार में ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर जल्द से जल्द कार्यवाई हो. एक महीने के अंदर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो इसी रणधीर बर्मा चौक पर अनशन कर वह अपना शरीर त्याग देंगे. उन्होंने कहा कि इसके जिम्मेवार उपायुक्त अमित कुमार, डीएसई विनीत कुमार, किरानी संजय कुमार और अभिभावक संघ के अध्यक्ष मनोज मिश्रा होंगे.

मौके पर मुख्य रूप से रीता देवी, दिनेश बर्मा (सौरभ बर्मा के माता-पिता ) उपस्थित थे.

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