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CNT उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री में ब्रदर ऑफ संत गेब्रियल एजुकेशन सोसायटी ने 13 साल में कमाये 4.7 करोड़

Ranchi : ब्रदर सिरिल लकड़ा द्वारा सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री से ब्रदर ऑफ संत गेब्रियल एजुकेशन सोसायटी ने 4 करोड़ 70 लाख रुपये की कमाई की.
जमीन को सिरिल लकड़ा ने 2004-05 में 2.6 लाख में खरीदा था. जब गेल इंडिया लिमिटेड सिटी गैस स्टेशन बनाने के लिए रांची रिंग रोड के पास जमीन की तलाश कर रही थी तब जमीन को बेचने के लिए  ब्रदर ऑफ संत गेब्रियल एजुकेशन सोसायटी सामने आया. सोसायटी ने उपायुक्त की अनुमति लेकर गेल के हाथों जमीन 4.7 करोड़ में बेची.
गेब्रियल सोसायटी मूल रूप से शिक्षण संस्थान चलाने का काम करता है. इसका रजिस्ट्रेशन पटना में है. सोसायटी के प्रेसिडेंट व प्रोविंसियल के द्वारा जमीन बिक्री का ऑफर 6 अक्टूबर 2017 को पत्र लिख कर गेल को किया गया.
गेल इंडिया लिमिटेड के जीएम को लिखे पत्र में सोसायटी के अध्यक्ष सह प्रोविंस ब्रदर क्लेमेंट कांडुलना ने कहा कि ब्रदर सिरिल लकड़ा के नाम से 4.22 एकड़ जमीन है. ब्रदर सोसायटी के मेंबर हैं. जमीन नामकुम ब्लॉक के थाना नंबर 3 अंचल नामकुम के मौजा सरवां में है. इस जमीन को बेचने के लिए ब्रदर ऑफ संत गेब्रियल एजुकेशन सोसायटी  तैयार है. जमीन के सभी दस्तावेजों की आप जांच करा लें. सौदा तय होने के बाद 29 नवम्बर  17 को सीएनटी एक्ट के धारा 49 के तहत उपायुक्त से परमिशन के लिए आवेदन किया गया.  

जमीन का मूल्य तय करने में हुई खूब तोल-मोल

गेल और सोसायटी के बीच में हुई बारगेनिंग.

1 नवंबर 2017 को गेल के तीन अधिकारी आलोक कुमार, केसी पाल और राजेंद्र चौधरी के साथ जमीन मालिक ब्रदर सिरिल लकड़ा व गेब्रियल एजुकेशन सोसायटी के अन्य सदस्यों के साथ बैठ में जमीन की दर तय की गयी. बैठक में सोसायटी की ओर से ब्रदर क्लाइमेंट कांडुलना, रेमी बारला मौजूद थे.

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जमीन की शुरुआती कीमत सोसायटी के द्वारा 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति डिसमिल प्रप्रोज की गयी और अंत में 1 लाख 12 हजार रुपये प्रति डिसमिल पर बात बनी. इस सहमति पत्र में ब्रदर सिरिल लकड़ा ने हस्ताक्षर किया.
इस तरह जिस जमीन को सिरिल ने दो लाख 60 हजार में खरीदा था उसे तेरह साल के बाद उसने 4 करोड़ 72 लाख 64 हजार में बेच दिया.

तत्कालिक अंचल अधिकारी ने दबाया मामला

 

बारगेनिंग के बाद 1.12 लाख रुपये प्रति डिसमिल तय हुआ रेट.

ब्रदर सिरिल के द्वारा सीएनटी एक्ट के उल्लंघन को लेकर तत्कालीन अंचलाधिकारी नामकुम के द्वारा 11 जनवरी 2018 को प्रभारी उप समाहर्ता, विधि शाखा, रांची को सौपी रिपोर्ट में भी अंचलाधिकारी ने सीएनटी एक्ट में उल्लंघन का मामला को दबा दिया. जिन अधिकारियों को सीएनटी एक्ट की हिफाजत का दायित्य है उन अधिकारियों ने ही आंख मूंदकर जमीन की खरीद-बिक्री होने दी. मामला उपायुक्त कार्यालय की विधि शाखा में भी पहुंचा, वहां भी इसे नजरअंदाज किया गया.

अंछू मुंडा की जमीन गेल की हो गयी

सीओ की जांच रिपोर्ट ने लिखा कि मौजा सरवल थाना संख्या 34 अंतर्गत खाता 3 प्लॉट नंबर 170, 171, 172 रकबा 2.13 एकड़ एवं खाता नंबर 142 प्लॉट नंबर 173, 174 ,176, 177 रकबा 2.09 एकड़ जिसका कुल रकबा  4.22 एकड़ है, भूमि सर्वे खतियान में अंछू मुंडा और लंगडा मुंडा के नाम दर्ज है. राजस्व पंजी 2 में यह जमीन ब्रदर सिरिल लकड़ा पिता स्वर्गीय अलोइस लकड़ा के नाम दर्ज है . जिस पर  पंजी 2 के  रैयत का दखल कब्जा है.

 

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