
Giridih: जिले में शरीर को झुलसाने देने वाली गर्मी के चरम पर होने के बीच लोग अब पीने के पानी को भी तरसने लगे हैं. शहरी इलाकों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का हाल बेहद खराब है. मौसम विभाग के लगातार हीट वेब चलने के चेतावनी के बीच लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है. गिरिडीह में केन्द्र सरकार का नल से जल पहुंचाने की योजना का क्या हाल है यह खुद डीसी नमन प्रियेश लकड़ा देख चुके हैं, लिहाजा, डीसी अब भीषण गर्मी को देखते हुए खुद सक्रिय दिख रहे है और शहर से लेकर गांव तक पानी की समस्या ना हो, इसके लिए डीसी ने अपने सरकारी मोबाइल नंबर को ही वॉर रुम बना दिया हालांकि पानी की परेशानी जिले के कई इलाकों में अब भी बनी हुई है. जानकारी मिलने पर तत्काल डीसी स्वंय संबंधित इलाके में पानी की परेशानी दूर करने का निर्देश देते हैं. फिलहाल ऐसे ही बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है तिसरी प्रखंड का रोहनटांड गांव.
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गर्मी के कारण गांव के सारे ताल-तलैया पूरी तरह से सूख चुके हैं. चापानलों से भी पानी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है. आदिवासी बहुल इस कसबे में महज बीस घर हैं लेकिन फिर भी लोग पानी के लिए दिन रात झूझ रहे हैं. बीस घर वाले इस कस्बे के आदिवासियों को करीब आधा किमी दूर स्थित तिसरी के जुगियादा घाटी के समीप जमा पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है. जुगियादा घाटी के समीप जमा पानी से ही बीस घर के ग्रामीणों को हर रोज तीनों वक्त का पानी भरकर लेकर जाना पड़ता है.

वैसे तो कई परिवार के पास उतने संसाधन है नहीं कि वो तीनों वक्त का पानी इसी जुगियादा घाटी के समीप जमा पानी को एक बार ले जा पाएं। लिहाजा, जब जरुरत पड़ा तो ग्रामीणों को कड़ी धूप में भी पानी के लिए जाना पड़ता है. इस संबंध में तिसरी के बीडीओ संतोष प्रजापति को जानकारी देने पर उन्होंने जल्दी ही पेयजल स्वच्छता विभाग से रोहनटांड कस्बे में पानी उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही है.




