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Designation mapping को लेकर उर्जा विकास निगम कर्मियों से ले रहा सुझाव, यूनियन ने किया था विरोध

ग्रेड पे और प्रमोशन का लाभ देने पर राज्य के विद्युत कर्मियों में है असंतोष

Ranchi: झारखंड उर्जा विकास निगम की ओर से designation mapping  को लेकर कर्मचारियों से आपत्ति या सुझाव की मांग की गयी है. इसके लिये निगम ने कर्मचारियों को पंद्रह दिनों का समय दिया है. कर्मचारी ये सुझाव या आपत्ति अपने अपने स्तर से दे रहे है. ऐसे में पूरे राज्य से कर्मचरियों के सुझाव आने के बाद ही निगम इस पर कार्य करेगा. पिछले दिनों इस संबध में एक पत्र जेयूवीएनएल जीएम एचआर को भी लिखा गया. जिसमें साल 2020 में गठित कमेटी की रिपोर्ट पर कारवाई की मांग की गयी है. पत्र डीजीएम कार्मिक की ओर से लिखा गया. जानकारी हो कि साल 2018 में उर्जा विकास निगम ने designation mapping  व्यवस्था लागू की. जिसके बाद से निगम के तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों में आक्रोश है. झारखंड पावर वर्कर्स यूनियन के बैनर तले कर्मियों ने  designation mapping को लेकर कई बार आंदोलन भी किया है. साथ ही यूनियन की ओर से पहले ही मामले में आपत्ति दर्ज कर दी गयी है.

प्रमोशन और पदनाम विरोध का कारण

निगम ने साल 2022 में designation mapping  व्यवस्था लागू की. जिसके तहत पदाधिकारियों और कर्मचारियों को नये पद नाम देने के साथ ही ग्रेड पे का नये सिरे से लाभ दिया गया. लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल सका. वहीं पिछले दिनों निगम ने तृतीय वर्गीय कर्मचारियों के पदनाम में बदलाव करते हुए उन्हें चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी में शामिल कर दिया. जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया. जिसके बाद कार्मिक जीएम ने इसे सुधार करने का आश्वासन यूनियन को दिया. लेकिन दिसंबर तक निगम ने इन मामलों में कोई बदलाव नहीं किया. जिसके बाद कर्मियों ने फिर से आंदोलन किया. दिंसबर के आखिरी दिनों में निगम ने विषय को बोर्ड बैठक में लाकर निर्णय लाने का आदेश दिया. जिसके बाद निगम ने कर्मचारियों से आपत्ति और सुझाव की मांग की है. जानकारी हो कि निगम के तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की कुल संख्या चार हजार है. जिसमें लाइनमैन, बटनपट्ट संचालक समेत तकनीकि कर्मी शामिल है. जो बिजली व्यवस्था को संभालते है.

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