
Palamu: पलामू जिले के पांकी थानान्तर्गत भरी गांव के बीह टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय के पारा शिक्षक नौशाद आलम के अपहरण की घटना फर्जी निकली है. मामले से पर्दा उठाते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा ने इसकी पुष्टि की.
झूठी अफवाह फैलाकर मुकदमों से बचने की थी तैयारी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहरण की झूठी अफवाह फैला कर पारा शिक्षक खुद गायब हो गया था. उसकी तलाश की जा रही थी. इसी दौरान थाना के समीप आज तड़के उसे देखा गया. थाना लाकर उससे पूछताछ की गयी तो पहले अपहरण होने की बात पर अड़ा रहा.
कई लोगों के नाम बताये, लेकिन अपहरण में शामिल लोगों के लोकेशन दूसरे जगह होने की जानकारी दी गयी और कड़ाई से पूछताछ की गयी, तो उसने पूरी जानकारी दे दी.
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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आया था नाम सामने
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दहेज हत्या और नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पारा शिक्षक की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ नोटिस जारी हुआ था. पारा शिक्षक को लगता था कि इसके पीछे उसके पूर्व ससुर और साले का हाथ है.
ससुर और साले को फंसाने के लिए और मुकदमों से बचने के लिए उसने अपने अपहरण की फर्जी खबर फैलायी. पुलिस नौशाद के अपहरण के सिलसिले में किसी जानकारी को सही नहीं मान रही.
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क्या कहानी सुनायी पारा शिक्षक ने?
पारा शिक्षक ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात 10 बजे दवा लेने के बहाने उसके घर का दरवाजा खोलवाया गया. बाहर निकलने पर उसे पिस्टल सटा दिया गया और कुछ दूर ले जाकर उसे बोलेरो में बैठा लिया गया. उसे लातेहार के मनिका की ओर ले जाया गया.
वहां रात में और दिनभर जंगल में रखा गया. कोई उससे बात नहीं करता था. रविवार की रात सभी के सो जाने पर वह वहां से भाग निकला.
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