
Ranchi: राज्य में मिलनेवाले विभिन्न तरह के पेंशन स्कीम के लिए सैंक्सनिंग अधिकारी बदले जायेंगे. सैंक्सनिंग अधिकारी नीचे स्तर तक के अधिकारी को बनाया जायेगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके. इसके अलावा किसी को दोहरा लाभ नहीं मिले इस बात का भी ध्यान रखना होगा. अभी राज्य में कुल नौ तरह की पेंशन का लाभ दिया जाता है. राज्य के 20 लाख 27 हजार 642 लोगों को पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है. सबसे अधिक 10 लाख लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. विभाग के सचिव ने बताया कि कई लोगों को पेंशन योजना का लाभ इसलिए भी नहीं मिल पाता है कि आवेदन बीडीओ और एसडीओ स्तर पर झूलता रह जाता है, जिसके कारण जनता लाभ से वंचित रह जाती है. मंत्री लुईस मरांडी ने जानकारी दी कि राज्य के संप्रेक्षण गृहों में 76 पद और बाल संरक्षण ईकाइयों के 240 पदों पर जल्द नियुक्ति की जायेगी. सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान लुईस मरांडी एवं विभाग के अधिकारियों ने कई मामले को लेकर जानकारी उपलब्ध करायी.
इसे भी पढ़ें- मां अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर क्यों मेहरबान है चतरा व हजारीबाग जिला प्रशासन
सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर के नये भवनों का हो रहा निर्माण
समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि बाल अधिकार एवं संरक्षण के लिए सभी 24 जिलों में वन स्टॉप सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है. इससे पहले सिर्फ तीन जिलों जमशेदपुर, धनबाद और रांची में ये वन स्टॉप सेंटर संचालित थे. अब सभी जिलों में अस्थायी रूप से चालू कर दिया गया है. इसके अलावा महिला शक्ति केंद्र योजना के अंतर्गत सभी 177 प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जायेगा. प्रखंड स्तर पर 25-25 वोलेंटियर का गठन किया जायेगा.
इसे भी पढ़ें- मंत्री नीलकंठ मुंडा के विधानसभा क्षेत्र में ही दम तोड़ रहीं योजनाएं, 13.44 लाख का शौचालय घोटाला
17 जिलों में तेजस्विनी योजना का कार्यान्वयन प्रारंभ
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री लुईस मरांडी ने कहा कि निर्धारित सभी जिलों में तेजस्विनी योजना का कार्यान्वयन प्रारंभ किया जा चुका है. इस योजना के तहत लगभग 10 लाख किशोरी एवं युवतियों के लगभग 12000 तेजस्विनी क्लबों में जीवन कौशल प्रदान करने की योजना है. विश्व बैंक द्वारा संपोषित इस योजना का कुल लेआउट बजट 540 करोड़ है. इस योजना के तहत 50 हजार युवतियों को इंर्फोरमल एजुकेशन देने का प्रावधान है. साथ ही 2 लाख को सेल्फ इंप्लॉयमेंट के तहत प्रशिक्षित करना है.
इसे भी पढ़ें – खूंटी पुलिस और पीएलएफआइ एरिया कमांडर दीत नाग के दस्ते के बीच गोलीबारी, रायफल सहित कई सामान बरामद



