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फिर थम सकते हैं भारतीय ट्रेनों के पहिये, जानिये क्या हो सकती है वजह

New Delhi : कोरोना वायरस के कारण देश भर में लगाये गये लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेलवे के पहिये थम गये थे. इस दौरान ट्रेनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी. अब एक बार फिर से ट्रेनों पर विराम लग सकता है. इसका कारण देशभर के करीब 35,000 स्टेशन मास्टर एक साथ हड़ताल पर जा सकते हैं.न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (All India Station Masters Association) अक्टूबर 2020 से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है. स्टेशन मास्टरों ने हड़ताल पर जाने के लिए रेलवे बोर्ड को नोटिस भी दिया है. इसमें स्टेशन मास्टरों ने आगामी 31 मई को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.

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क्या है हड़ताल का कारण

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बता दें कि पूरे देश में इस समय 6,000 से भी ज्यादा स्टेशन मास्टरों की कमी है और रेल प्रशासन (Railway Administration) इन पदों पर भर्ती नहीं कर रहा है. इस कारण देश के आधे से भी ज्यादा स्टेशनों पर महज सिर्फ 2 ही स्टेशन मास्टर पोस्टेड हैं.

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ये है समस्या

वैसे तो स्टेशन मास्टरों की शिफ्ट 8 घंटे की होती है, इस हिसाब से इन्हें एक स्टेशन पर तीन स्टेशन मास्टरों की जरूरत होती है. लेकिन स्टाफ की कमी के चलते स्टेशन मास्टरों को 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी होती है. जिस दिन किसी स्टेशन मास्टर का वीकली ऑफ होता है, उस दिन किसी दूसरे स्टेशन से कर्मचारी बुलाना पड़ता है. ऐसे में अगर किसी स्टाफ की तबीयत खराब हो जाए या उनके घर में कोई इमरजेंसी हो जाए तो परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है.

कर चुके हैं विरोध प्रदर्शन

इसके पहले भी कर चुके हैं विरोध प्रदर्शन इसके पहले भी स्टेशन मास्टरों ने 15 अक्टूबर 2020 को रात्रि ड्यूटी शिफ्ट में स्टेशन पर मोमबत्ती जला कर विरोध प्रदर्शन किया था. फिर इसके बाद स्टेशन मास्टरों ने काला बैज लगा कर स्टेशन पर काम कर विरोध जताया था. एक बार स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल भी कर चुके हैं. एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि अब उनके पास हड़ताल पर जाने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है.

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