
Ranchi : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से सर्जना न्यास के सदस्यों की शिष्टाचार मुलाकात हुई. भोजपुरी कैलेंडर को लेकर चर्चा हुई, कैलेंडर में भोजपुरी की लिपि कैथी को देख महामहिम बहुत प्रभावित हुए. राज्यपाल ने इस कार्य लिए सर्जना न्यास की सराहना करते हुए कहां की सर्जना न्यास अपनी लोककला और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन का जो कार्य कर रही है वो भविष्य के लिए एक थाती के रूप में मौजूद रहेंगी. इस कार्य के लिए विश्व भर में फैले भोजपुरिया जन मानस में सर्जना न्यास को याद रखा जाएगा.
यह कैलेंडर सिर्फ तिथियों का संकलन नहीं, बल्कि भोजपुरी संस्कृति, भोजपुरी की लिपि, भोजपुरी भाषा, परंपरा और गौरवशाली इतिहास का समावेश होगा. इस महत्वपूर्ण पहल से भोजपुरी भाषा और इसकी विरासत को और अधिक सम्मान और पहचान मिलेगी. यह कैलेंडर लुप्त होती परंपराओं, और लोक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का भी काम करेगी जिसके लिए उम्मीद है हम सब के साथ नई पीढ़ी भी कुछ सीखेगी .
कैलेंडर की विशेषताएं
– पारंपरिक भोजपुरी पंचांग आधारित महीनों का समावेश (चैत, बैसाख आदि)
– शुक्लपक्ष व कृष्णपक्ष की जानकारी
– विलुप्त होती कैथी लिपि का प्रयोग
– हर पृष्ठ पर भोजपुरी पेंटिंग की छवियां
– संस्कृति व शिक्षा के क्षेत्र में नई पीढ़ी के लिए प्रेरक
– सांस्कृतिक पहचान और अस्मिता को पुनर्जीवित करने का दस्तावेज
कैलेंडर के निर्माता विश्व ख्याति चित्रकार संजीव सिन्हा हैं
भोजपुर के संजीव सिन्हा सिर्फ चित्रकार नहीं, बल्कि भोजपुरी लोकसंस्कृति के सच्चे सिपाही हैं. BFA की पढ़ाई के दौरान ही इनके मन में लोककला के लिए जो जिज्ञासा जगी, वह अब एक आंदोलन बन चुका है. 2002 में कोहबर चित्रों के जरिए पहचान मिली, फिर गाँव-गाँव घूमकर लोक संस्कृति को कैनवास पर जीवंत करते चले गए. उनकी पेंटिंग्स में सिर्फ रंग नहीं, एक पूरी सभ्यता बोलती है.
उन्होंने बिहार से लद्दाख तक साइकिल यात्रा कर भोजपुरी चित्रकला को राष्ट्रव्यापी पहचान दी. 2011 में सर्जना न्यास की स्थापना की, और 2000 से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित कर यह कला अगली पीढ़ी तक पहुँचाई.
2022 में जब बापू के आरा आगमन के 100 साल पूरे हुए, तब संजीव ने 15 दिन की मेहनत से विश्व का सबसे बड़ा यरवदा चरखा तैयार किया — जिसे भोजपुरी चित्रकला से सजी हुई थी. इस चरखे को दो-दो विश्व रिकॉर्ड मिले.
इस मौके पर सर्जना न्यास के अध्यक्ष व ऑल इंडिया भोजपुरी स्टूडेंट यूनियन के चीफ जेनरल सेक्रेटरी संजीव सिन्हा, सर्जन न्यास के झारखंड प्रमुख संजीत कुमार, ज्योतिषाचार्य संजय साईंनाथ और गणमान्य लोग उपस्थित थे.



