lok sabha election 2019

एनडीए हो या महागठबंधन दोनों के अंदरखाने में टेंशन ही टेंशन, धुंआ इधर उठ रहा तो उधर भी

Ravi/Pravin

Ranchi: लोकसभा चुनाव की तपिश बढ़ती ही जा रही है. धुंआ इधर भी उठ रहा है और उधर भी. कुल मिलाकर देखा जाये तो एनडीए हो या महागठबंधन दोनों के अंदर टेंशन ही टेंशन है. दोनों ओर से बगावती सुर भी सुनाई पड़ रहे हैं. बात करें भाजपा की तो मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रहीं. रांची में रामटहल चौधरी ने अपने तेवर और तल्ख कर लिये हैं. चुनावी अखाड़े में भाजपा को पसीने छुड़ाने की बात भी कह चुके हैं. जब से पार्टी ने उन्हें साइडलाइन कर दिया, तब से वे हर रोज फुंफकार रहे हैं. उधर गिरिडीह में रवींद्र पांडेय को लेकर टेंशन है. एनडीए में शामिल आजसू इसकी काट खोजने में लगी है. पर अब तक कोई ठोस मंत्र हाथ नहीं लग पाया है. इधर चतरा में सुनील सिंह के खिलाफ भी स्वर उठने लगे हैं. लातेहार के जिला परिषद अध्यत्र राजेंद्र साहू ने चतरा से चुनावी अखाड़े में जाने की घोषणा कर बीजेपी की नींद उड़ा दी है.

इसे भी पढ़ें – रामनवमी पर पश्चिम बंगाल में सियासत गर्म, विहिप की रैली को नहीं मिली इजाजत

कांग्रेस भी फिट एंड फाइन नहीं

इधर कांग्रेस में भी टेंशन ही टेंशन ही है. दल के अंदर फिट एंड फाइन वाली स्थिति नहीं है. पहले तो गोड्डा में फुरकान अंसारी ने पार्टी की टेंशन बढ़ायी. किसी प्रकार उन्हें मैनेज करने की कोशिश की गई. इस बीच उनकी बेटी सामने आ गईं. अब उनकी बेटी टीएमसी के प्रत्याशी के रूप में महागठबंधन के कैंडिडेट प्रदीप यादव से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं. वहीं धनबाद में पार्टी ने कीर्ति आजाद को टिकट दे दिया. लेकिन टिकट के दावेदारों ने कीर्ति की उम्मीदवारी के खिलाफ मोरचा खोल दिया है. इससे कीर्ति आजाद की परेशानी बढ़ गई है. वहीं हजारीबाग में कभी गोपाल साहू व शिवलाल महतो का नाम उछल रहा. तो कभी अंबा प्रसाद व प्रदीप प्रसाद का नाम उछल रहा है. इनके समर्थक सुबह में उत्साह में आते हैं, लेकिन शाम होते-होते इनका उत्साह फ्यूज हो जाता है.

इसे भी पढ़ें – राहुल का हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति नहीं दी ममता सरकार ने, सिलिगुड़ी की सभा रद्द

सुभाष ने हिला दी महागठबंधन की नींव

चतरा में राजद ने सुभाष यादव को प्रत्याशी बना कर पहले ही महागठबंधन की नींव हिला दी है. वहीं कांग्रेस के मनोज यादव नामांकन करने के बाद से ही पार्टी नेताओं से आग्रह कर रहे हैं. उनका आग्रह यह है कि राजद पर दबाव बना कर सुभाष यादव को मुकाबले से किनारे करायें. कांग्रेस आलाकमान तो दबाव नहीं बना पाया, लेकर राजद के युवा तुर्क और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कांग्रेस को नसीहत दे दी कि कांग्रेस मैदान से हट जाये. उनका कहना है कि सुभाष जीतेंगे तो महागठबंधन का ही हिस्सा बनेंगे.

इसे भी पढ़ें – राबड़ी देवी ने कहा,  तेज प्रताप सीधा है, विरोधी भड़का रहे हैं.  बहुत हुआ बेटा…अब वापस आ जाओ…

कोडरमा में मैडम चल रही हैं नाराज

कोडरमा में भी बीजेपी की परेशानी बढ़ गई है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राज्य में शिक्षा के विकास के लिए सदैव तत्पर रहनेवाली मैडम खासी नराज हैं. कुछ दिन पहले तक पार्टी उम्मीदवार को पूरा समर्थन देने की बात कर रही थीं. लेकिन ऐन मौके पर दूसरे दल से बीजेपी में शामिल हुई मैडम को टिकट मिलने पर नाराज हो गई हैं. मैडम की नराजगी छिपाये नहीं छिप रही. राजनीतिक हल्कों में यह भी चर्चा है कि आखिर एक म्यान में दो तलवारें कैसे रह सकती हैं. वजह यह है कि जो मैडम बीजेपी में शामिल हुईं हैं वो मैडम को हरा कर ही सत्ता में आयी थीं. ऐसे में कोडरमा से टिकट पाने वाली नयी मैडम के लिए परेशानी हो सकती है.

इसे भी पढ़ें – नियम कानून को ताक पर रख कर दो पद पर बने हुये हैं एडीजी अजय कुमार सिंह, होम डिपार्टमेंट ने लिया संज्ञान

Related Articles

Back to top button