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खुले मैदान व तालाब को बचाने उतरे हरमू हाउसिंग कॉलोनी के लोग

एक मात्र बचे खुले मैदान में भी भवन निर्माण कराना चाहता है आवास बोर्डबोर्ड के फैसले का स्थानीय लोग कर रहे विरोध

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Ranchi: पार्क जहां बच्चे से लेकर बुजुर्ग व युवा सभी सुकून के दो पल ढूंढने पहुंचते हैं. पार्क की हरियाली के बीच बैठना किसे पसंद नहीं. राज्य सरकार भी पार्कों के सौदर्यीकरण को लेकर सजग है, इसके लिए करोड़ों रुपए खर्च की जा रही है. लेकिन, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार का एक अंग आवास बोर्ड पार्क को नष्ट करने का मन बना रखा है. जी हां हम बात कर रहे हैं वार्ड संख्या 26 के हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित ओपेन स्पेस की. इस स्थान को लोगों ने पार्क का रुप दिया है, जिसे शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क के नाम से जाना जाता है. बच्चे यहां खेलने, बुजुर्ग टहलने और महिलाएं गप्पे लड़ाने के लिए जमा होतीं हैं. लेकिन, आवास बोर्ड इस जमीन पर भवन निर्माण करना चाहती है. इसे लेकर निर्माण प्रक्रिया आरंभ कर चुकी है. हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाली जनता आवास बोर्ड के  इस फैसले का विरोध कर रही है. यहां के लोगों का कहना है कि बच्चों के खेलने से लेकर अन्य कई कार्यक्रम, समारोह आदि करने के लिए भी बस यही एक मात्र खुला मैदान बचा है. सभी मैदानों को नष्ट कर वहां बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें खड़ी कर दी गयी हैं. लोगों को शुद्ध हवा के लिए भी तरसना पड़ रहा है.

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क्या कहते हैं स्थानीय लोग

स्थानीय निवासी राकेश ने कहा कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या है. पूरे एरिया में सिर्फ यही एक मात्र मैदान बचा है, जहां बच्चे खेल सकते हैं. बुजुर्ग व युवा टहलने आते हैं. उन्होंने कहा कि यह स्थान एक बेहतर पार्क के रुप में डेवलप किया जाना चाहिए. किसी भी आयोजन समारोह के लिए खुले मैदान का होना बहुत जरुरी है. हमें भविष्य को देखते हुए निर्णय लेना चाहिए.

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आवास बोर्ड मुलभूत सुविधा देने में भी फेल: पवन

समाज सेवी पवन जेडिया ने कहा कि 40 सालों में बस यही एक खुला मैदान बचा है. इसके आस-पास के मैदानों पर बिल्डिंग निर्माण कर दी गयी है. हाउसिंग बोर्ड के बायलॉज में यह लिखा है कि वे यहां के निवासियों को हर मुलभूत सुविधा उपलब्ध करायेंगे. लेकिन सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय हमें सुविधावि‍हीन करने का कार्य कर रही है. इस मैदान को बचाने के लिए अगर जरुरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे.

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शुद्ध हवा के लिए खुला मैदान का होना जरुरी: गीता

गीता सिंह ने कहा कि जीने के लिए लोगों को शुद्ध हवा भी तो मिलना चाहिए. हर जगह पर भवन ही निर्माण करा दिया जायेगा तो जीना मुहाल हो जायेगा. मैदान रहेगा नहीं तो बच्चे खेलेंगे कहां, बच्चों के साथ-साथ हम सभी लोग भी इस मैदान में टहलने आते हैं. मैदान को नष्ट न किया जाये, बल्कि इसे और अधिक डेवलप कर इसका सौंदर्यीकरण किया जाये. यहां पेड़-पौधे लगाकर वातावरण का शुद्ध रखने का प्रयास किया जाना चाहिए.

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दोस्तों के साथ आते है, मीटिंग करने: प्रिया

स्टुडेंट प्रिया ने कहा कि बिल्डिंग के निर्माण हो जाने से बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं बचेगा. फिर वे खेलने के लिए कहीं दूर भागेंगे, इससे बच्चों के मां-बाप की परेशानी बढ़ेगी. हमलोग भी अपने दोस्तों के साथ आकर बैठते है, मीटिंग होती है. इसलिए इस मैदान को नष्ट करने के बजाय और सुंदर बनाया जाये.

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सरकार और बोर्ड दलालों के साथ मिलकर बेचना चाहती है जमीन: आप

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयशंकर चौधरी ने बताया कि यहां तो पहले से जमीन नहीं है, जो कुछ बचा है उसे भी भाजपा सरकार और आवास बोर्ड दलालों के साथ मिलकर बेचने का काम कर रहे हैं. लोग इसका विरोध कर रहे हैं जबकि ऐसा होना नहीं चाहिए. आवास बोर्ड को तो स्वयं निर्णय लेना चाहिए कि मैदान को मैदान ही रखा जाये. लोगों को शुद्ध हवा मिल सके इसके लिए मैदान का होना जरुरी है. हम सभी मिलकर आवास बोर्ड के निदेशक को इससे संबंधित एक ज्ञापन सौंपेगे जिसमे मैदान को नष्ट नहीं करने की मांग की जायेगी.

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क्या कहते हैं स्थानीय वार्ड पार्षद

स्थानीय वार्ड पार्षद अरुण झा ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की नियत और नीति दोनों जनविरोधी है. बोर्ड 1960 के बाद नया कोई प्रोजेक्ट लेकर नहीं आया. जो पहले से चलता आ रहा है उसे भी बर्बाद करने का कार्य कर रही है. मैदान के नष्ट होने से आने वाले समय में लोगों का सांस लेना भी दुभर हो जायेगा. सरकार शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है. लेकिन, आवास बोर्ड की जो नीति है वह इसे कबाड़ में बदल देगा.

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