Education & CareerRanchi

पारा शिक्षकों के बाद बीआरपी-सीआरपी भी आंदोलन के मूड में

Ranchi: झारखंड में पारा शिक्षकों के आंदोलन व हड़ताल के इस माहौल में राज्य के ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) शिक्षाकर्मी भी आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं. झारखंड परियोजना के अंतर्गत कार्य करने वाले बीआरसी व सीआरपी कर्मी अपनी मांगों को लेकर के आंदोलन कर सकते हैं. बीआरपी-सीआरपी महासंघ के पंकज शुक्ला ने बताया कि लगातार 13 साल कार्य करने के बाद भी बीआरपी-सीआरपी कर्मियों के वेतन में वृद्धि नहीं हुई है और ना ही हमें भविष्य निधि और इंश्‍योरेंस का लाभ राज्य सरकार द्वारा मुहैया कराया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि लिखित रूप से राज्य सरकार को एक पत्र लिखा गया है, जिसके माध्यम से पारा शिक्षकों के आंदोलन व हड़ताल का समर्थन किया गया है. पत्र में कहा गया है पारा शिक्षकों के खिलाफ अगर कोई कार्रवाई के संदर्भ में बीआरपी-सीआरपी कर्मियों को शामिल किया जाता है तो कर्मी उसका पुरजोर विरोध करेंगे. महासंघ ने लिखित ज्ञापन शिक्षा निदेशक को सौंप दिया है. सरकार अगर इन कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो महासंघ की ओर से राज्य स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है.

इसे भी पढ़ें – अल्पवृष्टि से जूझ रहे पलामू और गढ़वा सुखाड़ क्षेत्र घोषित, तीन स्तर पर मिलेगी किसानों को राहत

10 हजार के मानदेय पर 3500 कर्मी

राज्य में कुल 3500 बीआरपी-सीआरपी शिक्षाकर्मी कार्य करते हैं. इनके माध्यम से ब्लॉक योर क्लस्टर स्तर पर स्कूलों का निरीक्षण एवं संचालन का कार्य राज्‍य शिक्षा परियोजना के माध्यम से कराया जाता है. वर्तमान में इनका मानसिक मानदेय ₹10,000 है. मानदेय बढ़ोतरी व अन्य सुविधाओं को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं. इन कर्मियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई में राज्‍य सरकार स्कूल की बहुत सारी योजनाओं पर काम तो करा रही है, लेकिन सुविधा के नाम पर मात्र 10000 रुपये का मासिक मानदेय प्रदान किया जाता है. सरकार अगर मांगों को नहीं मानती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन की रूपरेखा तय की जायेगी.

Related Articles

Back to top button