
Ranchi : धुर्वा स्थित निर्माणाधीन झारखंड हाइकोर्ट के भवन में वकीलों के लिए उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं को लेकर एडवोकेट एसोसिएशन की जनहित याचिका की सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाइकोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की 4 सदस्योंवाली समिति ने नये हाइकोर्ट भवन में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करने के बाद कोर्ट के समक्ष व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की. कोर्ट ने इस रिपोर्ट को सील बंद रखने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 17 मार्च निर्धारित की. दरअसल, 25 एवं 26 फरवरी को कोर्ट के आदेश के आलोक में अधिवक्ताओं की 4 सदस्योंवाली समिति ने धुर्वा में बन रहे हाइकोर्ट के नये भवन में सुविधाओं का निरीक्षण किया था. अधिवक्ताओं की समिति में मनोज टंडन, पीएएस पति, कौशिक सरखेल और अंकित विशाल शामिल थे. कोर्ट ने इन्हें अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिस पर गुरुवार को समिति ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है. मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर की अध्यक्षतावाली खंडपीठ में हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने भवन निर्माण विभाग द्वारा दायर शपथ पत्र पर असंतोष जताते हुए कहा था कि इसमें नये हाइकोर्ट भवन में सुविधाओं के बारे में जानकारी नहीं दी गयी है.



