DeogharJharkhand

प्रदीप यादव की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई

Deoghar : जेवीएम महिला नेत्री से यौन उत्पीड़न मामले में विधायक प्रदीप यादव की ओर से हाइकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका दायर की गयी थी. इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी. याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की अदालत में सूचीबद्ध है.

गौरतलब है कि प्रदीप यादव अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. जेवीएम विधायक प्रदीप यादव अंडरग्राउंड हो गए हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. लेकिन फिर भी प्रदीप यादव का कोई सुराग नहीं मिल रहा है.

विधायक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रांची और गोड्डा आवास सहित कई संभावित जगहों पर भी छापेमारी की, लेकिन पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी. इसके लिए एसआईटी का गठन भी किया गया है ताकि जल्द से जल्द प्रदीप यादव को गिरफ्तार किया जा सके.

इसे भी पढ़ेंः क्या शिवपुर रेलवे साइडिंग चालू कराने में टीपीसी के अर्जुन गंझू का हाथ है

पुलिस जांच में दोषी पाए गए प्रदीप यादव

प्रदीप यादव को पुलिस जांच में दोषी पाया गया है. केस की अनुसंधानकर्ता साइबर डीएसपी नेहा बाला की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है.

पुलिस की जांच में प्रदीप यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354बी, 354डी, 506 और 509 में मामला सत्य पाया गया है.

इसे भी पढ़ेंःमां अंबे माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर क्यों मेहरबान है चतरा व हजारीबाग जिला प्रशासन

निचली अदालत ने जमानत याचिका की थी खारिज

18 जून को देवघर कोर्ट ने मामले को लेकर विधायक प्रदीप यादव की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

इससे पहले सोमवार (17 जून ) को अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा था. जिसे सुनने के बाद एडीजे प्रथम ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

पूर्व जेवीएम महासचिव और पोड़ैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव पर जेवीएम की केंद्रीय प्रवक्ता रिंकी झा ने यौन शोषण के प्रयास का मामला दर्ज कराया है.

इसे भी पढ़ेंःना रैयतों को दिया मुआवजा, ना लिया लाइसेंस और शुरू हो गया चतरा शिवपुर रेलवे साइडिंग

13 जून को प्रदीप यादव ने दर्ज कराया था अपना बयान

13 जून को प्रदीप यादव ने साइबर थाना में एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव और आईओ संगीता कुमारी के सामने अपना बयान दर्ज करवाया था. पुलिस ने बंद कमरे में उनसे दो घंटे तक पूछताछ की थी.

इससे पहले प्रदीप यादव को अपना पक्ष रखने के लिए सात जून तक का समय दिया गया था. लेकिन प्रदीप यादव ने थोड़ा समय मांगा था. जिसके बाद उन्हें 13 जून तक का समय दिया गया था. दिए गए समय पर आकर उन्होंने पक्ष रखा था.

 

Related Articles

Back to top button