
Ranchi: झारखंड में केंद्र की महत्वकांक्षी मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है. आंख मूंद कर कागजों पर फर्जीवाड़ा कर पैसे निकाले जाने के मामले में चतरा जिला के सात मनेरगाकर्मी पर गाज गिरनी तय हो गयी है.
जिला की मनरेगा योजना के तहत 40 सड़कों को गायब पाया गया, वहीं कई पुराने तालाब को नया दिखा कर योजना राशि की निकासी कर ली गयी.
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स्कूली बच्चों के नाम पर भी खोला गया जॉब कार्ड
चतरा जिला में मनरेगा योजनाओं में योजना राशि की लूट इस कदर व्याप्त था कि सरकारी स्कूल में पढ़नेवाले नाबालिग बच्चों के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना कर उन्हें मजदूर बना बना देने का मामला भी सामने आ चुका है.
जिला की मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत की जांच के बाद चतरा डीडीसी मुरली मनोहर प्रसाद को शोकॉज किया गया है. चतरा डीडीसी के द्वारा संविदाकर्मी फनीन्द्र गुप्ता को प्रधानमंत्री आवास योजना का नोडल पदाधिकारी बनाये जाने को लेकर शोकॉज किया गया है.
वहीं प्रतापपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी पर विभागीय कार्यवाई करने को कहा गया है. जबकि जिला परियोजना पदाधिकारी चतरा फनीन्द्र गुप्ता सहित नौ मनरेगा कर्मी को गड़बड़ी के आरोप में दोषी पाये जाने पर बर्खास्त करने की अनुशंसा की गयी है. प्राप्त सूचना के अनुसार जिला के सात मनरेगा कर्मी को बर्खास्त करने के मामले में विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है.
कई पंचायतों में गड़बड़ियां
प्रातपुर प्रखंड की कई पंचायतों में मनरेगा योजना में गड़बड़ी के मामले में विभागीय जांच के बाद जो तथ्य सामने आये उनमें सिजुआ, योगियारा, टंडवा, प्रातपुर, चन्द्री, गोविंदपुर पंचायत की मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जांच में 40 सड़कें गायब पायी गयी हैं. वहीं कई पुराने तालाब को नया बता कर राशि निकाल ली गयी है. इन पंचायतों के मुखिया पर भी कार्रवाई भी की जायेगी.
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जिला परियोजना पदाधिकारी चतरा फनीन्द्र गुप्ता कई मामले में रहे हैं चर्चित
जिला परियोजना पदाधिकारी चतरा फनीन्द्र गुप्ता अपने अधीनस्थ कर्मी की संविदा को जारी रखने को लेकर इंश्योरेंस पॉलिसी एवं फिक्स डिपाजिट की भी मांग करते हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना समन्वय के पद पर चयनित संजय ठाकुर के द्वारा फिक्स डिपाजिट नहीं करने पर चयनमुक्त करवा चुके हैं.



