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कोविड सर्किट एवं संजीवनी वाहन का लोगों को मिल रहा लाभः हेमंत सोरेन

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोविड सर्किट एवं संजीवनी वाहन का शुभारंभ किया गया है. एक सप्ताह के अंदर 800 मरीजों को कोविड सर्किट के तहत आसपास के कोरिडोर वाले अस्पताल में चिकित्सा उपलब्ध करायी गयी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि संजीवनी वाहन द्वारा अस्पतालों में ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य प्रारंभ किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई जिलों में ऑक्सीजन बैंक स्थापित किये जा रहे हैं.

ऑक्सीजन फ्लोमीटर (रेगुलेटर) की उपलब्धता को लेकर किया जा रहा है प्रयास

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आप सभी ने ऑक्सीजन फ्लोमीटर (रेगुलेटर) की उपलब्धता के लिए अपने सुझाव दिये हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में होने के बावजूद रेगुलेटर की कमी होने के कारण इलाज में बाधा पहुंच रही है.

राज्य सरकार द्वारा रेगुलेटर की उपलब्धता के लिए इंडो-डेनिश टूल रूम के साथ समन्वय बना कर तथा राज्य के कई निजी कंपनियों के सहयोग से रेगुलेटर का मॉडल तैयार करने पर कार्य किया जा रहा है.

जल्द ही हम अपने राज्य में ही रेगुलेटर तैयार करने में सक्षम हो जायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि नेजल पाइप की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर हम लगातार प्रयासरत हैं. हफ्ते के अंदर हम नेजल पाइप की आपूर्ति सुचारू रूप से कर सकेंगे.

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जीवन रक्षक एंबुलेंस हर जिले में संचालित होगी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आपके द्वारा राज्य के सभी जिलों में जीवन रक्षक एंबुलेंस कार्यरत रहने को लेकर सुझाव मिले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आवश्यक है कि प्रत्येक जिले में एक जीवन रक्षक एंबुलेंस चले.

राज्य सरकार इस संबंध में जल्द कार्य योजना बना रही है ताकि सभी जिलों में एंबुलेंस उपलब्ध कराया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण से लोगों की मृत्यु कैसे कम हो इस पर सरकार लगातार नजर बनाये रखी है और आवश्यक उपाय किये जा रहे हैं.

खांसी, सर्दी और वायरल फीवर को हल्के में न लें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जानकारी के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खांसी, सर्दी तथा वायरल फीवर को हल्के में लेने की भूल कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों तथा विधायकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक कोरोना जांच कराने को लेकर जागरूक करायें तथा अधिक से अधिक जांच हो यह सुनिश्चित करें. कोरोना संक्रमण में प्राथमिक उपचार ही कारगर है.

सही समय पर कोरोना की पहचान हो और प्राथमिक उपचार सही हो तो मरीज जल्दी रिकवर हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को मेडिकल ऑक्सीजन ससमय उपलब्ध हो इस दिशा में भी सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ की कमी न हो इस निमित्त राज्य सरकार नियुक्ति प्रक्रिया पर बल दिया है. जल्द ही राज्य में डॉक्टर, एएनएम, टेक्नीशियन इत्यादि की नियुक्ति होगी.

मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों से कहा कि अगर आपके क्षेत्र में कोई रिटायर्ड डॉक्टर सेवा देने के लिए तैयार हैं तो उनका नाम आप भेजें उन्हें जिम्मेदारी दी जायेगी.

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पलामू प्रमंडल में मेडिकल ऑक्सीजन रिफिलिंग यूनिट स्थापित की जायेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलामू प्रमंडल में मेडिकल ऑक्सीजन रिफलिंग यूनिट की आवश्यकता है. राज्य सरकार जल्द इस दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए मेडिकल ऑक्सीजन रिफिलिंग यूनिट की स्थापना पलामू में करेगी.

राज्य के सभी अस्पतालों में पीसीए मशीन भी लगाये जायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत जितनी भी योजना संचालित हैं जैसे राशन वितरण, विभिन्न पेंशन इत्यादि सभी योजनाओं का कार्यान्वयन सुचारू रूप से चले इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा की सभी योजनाओं का निरंतर अनुश्रवण राज्य सरकार के पदाधिकारियों द्वारा किया जाना सुनिश्चित किया गया है.

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर भी सरकार गंभीर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर आने की चेतावनी दी गयी है. राज्य सरकार तीसरी लहर से निपटने को लेकर गंभीर है और तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.

विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया गया है कि तीसरी लहर में बच्चों पर संक्रमण का खतरा ज्यादा रह सकता है. चाइल्ड स्पेशलिस्ट चिकित्सकों तथा विशेषज्ञों के साथ राज्य सरकार आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर वर्चुअल मीटिंग करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सभी आइसोलेशन सेंटर और क्वारंटाइन सेंटरों को दुरुस्त किया जायेगा. 14वें तथा 15वें वित्त आयोग की राशि का भी उपयोग संक्रमितों के इलाज पर हो यह सुनिश्चित किया जायेगा.

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