
Palamu : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डीजे पर रोक के आदेश को पलामू में डीजे संचालक मानने को तैयार नहीं हैं. इस बार के रामनवमी महोत्सव में डीजे पर रोक लगाने संबंधी आदेश वापस लेने की जोरदार ढंग से मांग की जा रही है. मेदिनीनगर शहर थाना में आयोजित शांति समिति की बैठक में तो हद हो गयी. बैठक में डीजे बजाने की अनुमति देने का मुद्दा पूरी बैठक में छाया रहा.
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अखाड़ों के वरीय सदस्यों का भी था पूरा समर्थन प्राप्त
बैठक शुरू होते ही डीजे संचालक अपने समर्थकों के साथ निर्धारित समय से पूर्व पहुंच कर कुर्सियों पर काबिज हो गये. इन आक्रोशित डीजे संचालकों को रामनवमी केंद्रीय समिति और विभिन्न अखाड़ों के वरीय सदस्यों का भी पूरा समर्थन प्राप्त था. इस अफरा-तफरी के माहौल में शांति समिति की इस अहम बैठक का संचालन कर रहे शहर थाना प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा ने प्रथम वक्ता की तौर पर अधिवक्ता वीणा मिश्रा को अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया.
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भाषण शुरू होते ही करने लगे हंगामा
जैसे ही अधिवक्ता मिश्रा ने अपने भाषण में डीजे पर प्रतिबंध लगाने की बात कही, तो लोगों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया और उनको बैठने को मजबूर कर दिया. वातावरण में कडुवाहट देखते हुए शांति समिति के कई सदस्य बैठक छोड़ कर चले गये. इनमें पलामू एथेलेटिक्स ऐसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सहानी, कांग्रेसी नेता तपेश्वर प्रसाद, अभिभावक संघ के अध्यक्ष किशोर पांडेय आदि के नाम प्रमुख हैं. बैठक में बढ़ रही अव्यवस्था को देख कर थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों को बहुत समझाया, लेकिन वह जिद पर अड़े रहे.
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थाना प्रभारी ने कहा : बीच का रास्ता निकाला जायेगा
बैठक में केंद्रीय रामनवमी समिति, श्री महावीर नवयुवक दल के अध्यक्ष जुगल किशोर मंचासीन थे. उनके साथ बतौर संरक्षक पलामू जिला कांग्रेस के अध्यक्ष जैशरंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक समेत कई अन्य पदधारी मौजूद थे. परंतु किसी ने डीजे संचालकों को समझाने या शांत रहने को नहीं कहा और पत्थर की मूर्ति की तरह बैठे रहे. जबकि जुगल किशोर एक मंजे हुए नेतृत्वकर्ता के रूप में विख्यात रहे हैं. लेकिन उनकी चुप्पी देख कर मीडियाकर्मी भी आश्चर्य चकित थे.
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‘लो साउंड’ में डीजे बजाने की अनुमति देने की कोशिश की जायेगी
हालांकि कई वक्ताओं के विचारों को सुनकर थाना प्रभारी एवं प्रशासन का नेतृत्व कर रहे अंचलाधिकारी रामनरेश सोनी ने लचीला रूख अपनाना ही उचित समझा. थाना प्रभारी ने कहा कि कुछ बीच का रास्ता अपनाने का प्रयास किया जायेगा. प्रशासन के उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श कर ‘लो साउंड’ में डीजे बजाने की अनुमति देने की कोशिश की जायेगी.
उन्होंने कहा कि सभी डीजे संचालकों की सीधी वार्ता सदर अनुमंडल पदाधिकारी के साथ हो चुकी है. एसडीओ ने आदर्श चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए डीजे नहीं बजाने का आदेश दिया है. लेकिन एक बार प्रयास किया जायेगा कि कोई बीच का रास्ता खोजा जाये, ताकि सबकुछ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो जाये.
बैठक में डीजे के समर्थन में और विरोध में हुई लंबी बहस के बीच यह संकल्प लिया गया कि आम चुनाव जैसे महापर्व और रामनवमी महोत्सव दोनों को गरिमापूर्ण उत्साह के बीच संपन्न कराने के लिए हमलोग तैयार हैं.
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अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखें
इधर, पलामू जिला प्रशासन का दावा है कि सौहाद्रपूर्ण माहौल में रामनवमी मनायी जायेगी. यह संदेश शांति समिति की बैठक में दिया गया. शांति समिति की बैठक में कई सदस्यों ने अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने को कहा और रामनवमी के अवसर पर कम से कम दो दिन शराबबंदी रखने की मांग रखी. थाना प्रभारी ने बताया कि बाकी सारी व्यवस्था पूर्व की भांति रहेगी.
बैठक में विचार व्यक्त करने वालों में प्रतिष्ठित व्यवसायी नवल तुलस्यान, बबलू गुप्ता, दुर्गा जौहरी, रूपा सिंह, मीना गुप्ता, रामनाथ चंद्रवंशी, वसीम अहमद खां, पत्रकार एसएस रूबी, विनोद उदयपुरी, श्यामजी चौधरी, पार्षद मो. कलाम, अन्नपूर्णा तिवारी, पूर्णिमा जी, विजय ओझा, अधिवक्ता राजेश्वर पांडेय, मो. इरशाद, प्रमोद अग्रवाल, पार्षद प्रदीप अकेला, दीपू चौरसिया, पंकज जायसवाल, सदर थाना प्रभारी दुलर चौड़े के नाम प्रमुख हैं.
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