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पलामू संसदीय चुनाव में लैंड माइंस बड़ी चुनौती, 2015 से अबतक चार हजार से अधिक लैंड माइंस बरामद

Palamu:  झारखंड राज्य के लिए चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना आज जारी हो गयी है. चुनावी हलचल में भी रफ्तार बढ़ गयी है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार चुनाव निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सभी एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं. पलामू लोस क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होगा.

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पलामू, चतरा और लोहरदगा संसदीय क्षेत्र नक्सल प्रभावित 

झारखंड के पहले चरण में पलामू संसदीय क्षेत्र के अलावा चतरा और लोहरदगा में भी इसी चरण में चुनाव होंगे. देखा जाये तो लोहरदगा और चतरा का सीमावर्ती क्षेत्र पलामू संसदीय क्षेत्र को छूता है. वैसे ये तीनों संसदीय क्षेत्र नक्सल प्रभावित हैं.

पुलिस को कड़ी निगरानी रखने का निर्देश

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इन क्षेत्रों के नक्सल प्रभावित हिस्सों पर पुलिस ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है. नक्सलियों की हर गतिविधि पर पूरी नजर रखने का निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिया गया है.

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लैंड माइंस बिछाकर कई बार चुनाव प्रक्रिया की गयी है बाधित 

पलामू लोकसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान लैंड माइंस बिछा कर चुनावी प्रक्रिया को कई बार पूर्व में नक्सली बाधा पहुंचाने का प्रयास कर चुके हैं. इसी इतिहास को समझते हुए पलामू पुलिस पूरी चौकसी बरत रही है. सुरक्षाबल सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार छापामारी कर रहे हैं और पलामू तथा लातेहार के सुदूर इलाकों से लैंडमाइंस, विस्फोटक तथा हथियार बरामद करने में सफलता हासिल कर चुके हैं.

पलामू के पुलिस अधीक्षक इन्द्रजीत माहथा कहते हैं पूरे पलामू को सुरक्षा बल सेनेटाइज करने में लगे हुए हैं. वैसे पूर्व के इतिहास पर गौर करें तो पिछले चार वर्षों में सुरक्षाबलों द्वारा पलामू और लातेहार के इलाके से चार हजार से अधिक लैंडमाइंस बरामद किये जा चुके हैं.

पुलिस की सफलता में ग्रामीणों का सहयोग

पुलिस की इस सफलता में अब ग्रामीण भी मददगार बनते जा रहे हैं. लोगों में पुलिस एवं अद्धसैनिक बलों विशेषकर सीआरपीएफ के प्रति बहुत विश्वास बढ़ा है. युवा की निकटता भी लगातार बढ़ रही है.

अब लोग भी पुलिस को नक्सलियों के इरादों को भांप कर सूचनाएं देने में संकोच नहीं करते. फिर भी चुनाव जैसे मौके पर नक्सली अपनी हरकतों को अंजाम देने की कोशिश जरूर करेंगे, किन्तु सुरक्षाबल चैकस है.

नक्सलियों या अपराधियों के किसी भी षड़यंत्र को नेस्त-ओ-नाबूद करने को पूरी तरह तैयार हैं. पुलिस अधीक्षक कहते हैं कि लैंडमाइंस न बिछे, इसकी पूरी व्यवस्था की गयी है. हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है.

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