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बोकारो में दामोदर नदी के तट पर लगा बारनी मेला, लोगों ने लगायी डूबकी

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Bokaro : जिले के चास स्थित कुम्हरी पंचायत में बाबा चेचकाधाम के निकट दामोदर नदी किनारे प्रसिद्ध स्नान मेला बारनी मेला लगा. जहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दामोदर नदी में डूबकी लगायी एवं चेचकाधाम में पूजा अर्चना की. इस पवित्र स्नान के लिए धनबाद व बोकारो दोनों जिले से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. पवित्र स्नान के बाद नदी के किनारे बड़ी बड़ी शिलाओं में अंकित भगवान बिष्णु के पद चिन्ह एवं शिवलिंग की पूजा अर्चना लोगों ने की. बताया जाता है कि बारनी स्नान मेला की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो प्रतिवर्ष चैत्र मास की 12 वीं तारिख पर इसे मनायें जाने की परंपरा रही है. लेकिन तारिख में दो चार दिन आगे पीछे हो जाया करती है. इस वर्ष यह मेला चैत्र मास की 18वीं तारीख को हुई.

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स्नान मेला की मान्यता

स्थानीय लोगों में बारनी स्नान की महत्ता कुंभ स्नान से कम नहीं है. कहते कभी भगवान बिष्णु जी के चरण यहां पड़े थे. जिनके पदचिन्हों को आज भी देखा जा सकता है. बारनी मेला के बिष्णु घाट पर स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं, कष्टों का निवारण होता है, घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है. इसी मनोकामना के साथ वारनी मेला में दामोदर नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है. स्नान के बाद चेचकाधाम में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना किये जाने की बिधान है. मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है.

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दामोदर के किनारे है बारनी घाट

दामोदर नदी के किनारे बारनी मेला तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बन गयी है एवं घाट का सौन्दर्यीकरण की गयी. आनेवाले श्रद्धालुओं को आवागमन की सुविधा के साथ स्थानीय मेला कमेटी पेयजल एवं चना गुड़ की व्‍यवस्था की गयी थी. मेला के संचालन में मुखिया मुनिया देवी, पूर्व मुखिया वनिता देवी, जिप सदस्य अनिता देवी, सुधीर दत्ता, सपन दत्ता, शंकर दत्ता, निवारण गोप, तापस महतो, मोहन गोराई, दीनबंधू महतो समेत समस्त कुम्हरी गांव के लोग मेला की सफलता के लिए तत्पर थे.

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