
Kolkata: दक्षिण 24 परगना के गंगासागर तट पर हर साल होनेवाले पुण्य स्नान के लिए शुक्रवार से आधिकारिक यात्रा की शुरुआत हो गयी है.
पश्चिम बंगाल सरकार की घोषणा के मुताबिक 10 जनवरी से 16 जनवरी तक गंगासागर तीर्थ यात्रियों को किसी भी तरह से कुछ होता है तो राज्य सरकार बीमा देगी.
इसलिए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है. राज्य प्रशासन की ओर से बताया गया है कि गंगासागर तीर्थ यात्रियों को लेकर रवाना होनेवाले चालकों की विशेष तौर पर चेकिंग हो रही है.
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ब्रेथ एनालाइजर से ड्राइवरों की जांच
ब्रेथ एनालाइजर उपकरण के जरिए यह जांचा जा रहा है कि कोई नशे में धुत होकर वाहन न चलाये. इससे बड़े पैमाने पर दुर्घटना को टाला जा सकेगा.
राज्य प्रशासन की ओर से बताया गया है कि दक्षिण 24-परगना जिला प्रशासन ने गंगासागर मेला में आगंतुकों के लिए बुनियादी ढांचे, परिवहन, तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा और एक स्वच्छ और हरियाली से भरपूर वातावरण को बढ़ावा देना शुरू किया है.
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चलायी जा रही हैं 3700 बसें
यात्रियों की सुविधा के लिए 3,700 बसें चलायी जा रही हैं, जिनमें से 2,500 सरकारी बसें हैं.
सागर द्वीप में 550 मिनी वाहन में जीपीएस और स्पीड कैलिब्रेटर लगाया गया है. सागर द्वीप जानेवाले 600 ड्राइवरों को दुर्घटनाओं से बचने के लिए परिवहन विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है.
गंगासागर में सात भाषाओं अंग्रेजी, बंगाली, ओड़िया, तमिल, तेलुगु, भोजपुरी और हिंदी में सार्वजनिक घोषणाएं की जा रही हैं. आघात और अन्य विकारों से पीड़ित रोगियों के लिए 300 बेड का अस्थायी अस्पताल, 85 एम्बुलेंस उपलब्ध है.
किसी भी तरह की इमरजेंसी के लिए स्पेशलाइज्ड डॉक्टर तैनात किये जायेंगे. इस बार पश्चिम बंगाल सरकार ने गंगासागर में फायर बॉल लाकर रखा है. अगर आग लगती है तो इसकी मदद से आसानी से बुझाया जा सकेगा.
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