
Ranchi: गठन के वक्त से ही विवादित रही हज कमेटी को समाप्त करने का आदेश कल्याण विभाग की ओर से जारी किया गया. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से यह अधिसूचना गुरूवार को जारी की गयी.
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गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट की ओर से 12 दिसंबर 2018 को ही हज कमेटी पुनर्गठन का आदेश जारी दिया गया. इसके बाद भी पिछली सरकार की ओर से हज कमेटी का फिर से गठन नहीं किया गया. गुरुवार को जारी विभागीय आदेश में हज कमेटी को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया गया है.
9 जुलाई 2018 को हुआ था गठन
बात दें कि नौ जुलाई 2018 में हज कमेटी का गठन किया गया था. गठन के वक्त से ही कमेटी विवादों में रही. जिसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी.

मामले पर सुनवाई के दौरान 12 दिसंबर 2018 को खुद महाधिवक्ता ने स्वीकार किया था कि कमेटी का गठन हज अधिनियम के तहत नहीं किया गया है. इस मामले में सरकार की ओर से शपथ पत्र भी दाखिल किया गया था. जिसके बाद हाईकोर्ट ने कमेटी भंग करने का आदेश तत्कालीन राज्य सरकार को दिया गया.
आदेश नहीं मानने पर अवमानना याचिका दायर की गयी
12 दिसंबर 2018 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पिछली सरकार ने कमेटी का पुनर्गठन नहीं किया. जिसके बाद याचिकाकर्ता एस अली की ओर से अवमानना याचिका दायर की गयी थी. 23 दिसंबर 2019 को अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता को काफी फटकार लगायी थी.

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साथ ही कहा कि अगली तारीख तक अगर हज कमेटी का पुनर्गठन नहीं किया गया तो महाधिवक्ता विभागीय सचिव के साथ सुनवाई में शामिल होंगे. जिस पर कार्रवाई की जायेगी. एस अली ने बताया कि सरकार की ओर से अब पुनर्गठन आदेश निकाल दिया गया है. ऐसे में मामला समाप्त किया जा सकता है.
क्या है मामला
साल 2018 में गठित हज कमेटी में हज अधिनियम 2002 का पालन नहीं किया गया. इस कमेटी में अधिनियम के सेक्शन 18 के तहत कोटा के अनुरूप सदस्यों का चयन नहीं किया गया.
एमपी और एमएलए कोटा से तीन के बजाय दो सदस्य, स्थानीय निकाय कोटे से दो ऐसे सदस्यों का चयन किया गया जो वार्ड पाषर्द थे ही नहीं.
फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर इनका चयन किया गया. वित्त, लोक प्रशासन, शिक्षा, सांस्कृतिक और समाज सेवा से पांच के जगह तीन सदस्यों का चयन किया गया.
नियमों की अनदेखी होने के कारण हज कमेटी भंग करने की मांग समय-समय पर की गयी और यह कमेटी विवादित रही. प्रत्येक तीन साल के लिये कमेटी का गठन किया जाता है.
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