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झारखंड: दुष्कर्म के आंकड़े सात माह में ही पिछले साल की तुलना में बढ़ गये

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Ranchi: महिला सुरक्षा के नाम पर झारखंड पुलिस और सरकार बड़े-बड़े दावे करती है. हकीकत तो यह है झारखंड पुलिस बेटियों की आबरू बचाने में पूरी तरह से विफल है. बेटियां अब यहां सुरक्षित नहीं हैं. आए दिन छेड़खानी, अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं के कारण लड़कियां भयभीत हैं.

झारखंड में युवतियों की इज़्ज़त और जान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. दरअसल गांवों-कस्बों से लेकर राजधानी रांची में स्कूल-कॉलेज की लड़कियों के साथ बलात्कार और हत्या के खौफनाक मामले लगातार सामने आ रहे हैं. देखा जाए तो पिछले तीन साल की तुलना में हर साल दुष्कर्म के मामले पूरे झारखंड में बढ़ रहे हैं.

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हर साल बढ़ा दुष्कर्म मामलों का ग्राफ

झारखंड पुलिस के क्राइम रिकॉर्ड के आंकड़े के अनुसार साल 2015 में पूरे झारखंड में 1053 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए. यानि 2015 के हर महीने 87.75 के अनुपात से दुष्कर्म की घटना हुई.

वहीं साल 2016 में पूरे झारखंड में एक 1109 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए. यानी कि हर महीने 92.41 के अनुपात से दुष्कर्म की घटना हुई. जो साल 2015 की तुलना में 2016 में 4.66% बढ़ोतरी हुई.

2017 में पूरे झारखंड में 1251 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए. यानी कि हर महीने 104.25 के अनुपात से दुष्कर्म की घटना हुई, जो कि साल 2016 की तुलना में 2017 में 12.11% की बढ़ोतरी हुई.

सबसे चौंकाने वाले आंकड़े तो साल 2018 के हैं साल 2018 जनवरी से लेकर जुलाई तक 846 दुष्कर्म की घटनाएं पूरे झारखंड में हुई. यानी 120.85 हर महीने का अनुपात रहा. यानी 2017 की तुलना में 2018 के 7 महीने में ही 16.6% दुष्कर्म की घटना में बढ़ोतरी हो गई.

इससे साफ पता चल रहा है कि झारखंड में किस तेजी से दुष्कर्म की घटनाएं प्रत्येक साल बढ़ रही है.

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7 महीनों में ही बलात्‍कार के आंकड़ों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

आपराधिक घटनाओं से जुड़ी झारखंड पुलिस के मासिक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी से जुलाई तक सात महीने में राज्य के सभी जिलों में कथित बलात्कार के 846 मामले दर्ज किए गए हैं. इन आंकड़ों से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि झारखंड में बलात्कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है. जो साल 2017 के पूरे साल की तुलना में 16.6% ज्यादा है.

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आदिवासी लड़कियां हो रही हैं सामूहिक दुष्कर्म की शिकार

रिपोर्ट के मुताबिक सुदूर इलाकों में आदिवासी लड़कियां कथित सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हो रही हैं. कई जगहों पर स्कूली छात्राओं के साथ सामूहिक बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं. जबरन दुष्कर्म जैसी घटनाओं का अंजाम दिया जाता है .

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झारखंड में दुष्‍कर्म की प्रमुख घटनाएं

14 अप्रैलः गुमला के जारी में युवती समेत महिला परिजन के साथ बलात्कार

14 अप्रैलः मनोहरपुर में स्कूल जा रही छात्रा से सुनसान घर में बलात्कार

14 मार्चः पाकुड़ में चाकू की नोंक पर नाबालिग से बलात्कार, एक गिरफ्तार

10 अप्रैलः पाकुड़ में कॉलेज छात्रा की हत्या के बाद लाश जला दी गई

08 अप्रैलः रांची के रातू में छात्रा की रेप के बाद हत्या

04 मार्चः रांची के जगन्नाथपुर में युवती के साथ गैंगरेप, सात गिरफ्तार

03 मार्चः रांची के तुपुदाना में नशीला पदार्थ खिलाकर नाबालिग से गैंगरेप

24 फरवरीः चतरा में नाबालिग के साथ गैंगरेप, फिर केरोसिन डाल जला डाला

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ज्‍यादातर आरोपी पीड़िता के जान पहचान वाले

कई ऐसे मामले में तो आरोपी पीड़िता की जान पहचान  का ही होता है. राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, दुष्कर्म के 95 फीसदी मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित होता है. आंकड़े बताते हैं कि इन परिचितों में 27 प्रतिशत पड़ोसी भी शामिल थे, जबकि 22 प्रतिशत मामलों में शादी का वादा करने के बाद आरोपी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. वहीं नौ प्रतिशत दुष्कर्म के मामलों में परिवार के सदस्य और रिश्तेदार शामिल थे. दुष्कर्म की कुल घटनाओं में दो प्रतिशत लिव इन पार्टनर या पूर्व पति होते हैं, जबकि 1.6 प्रतिशत घटनाओं में नियोक्ता या सहकर्मी एवं 33 प्रतिशत अन्य परिचित या सहयोगियों द्वारा दुष्‍कर्म की घटना को अंजाम दिए गया था.

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