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सरकार ही नहीं देती बिजली बिल, अब तक फूंक दी 200 करोड़ की बिजली और नहीं चुकाया बिल

विधानसभा और सीएमओ का भी बकाया, आम जनता के 10 हजार बकाये पर काट दी जाती है बिजली, पर सरकार विभागों पर मेहरबान है बिजली विभाग

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Ranchi : बिजली विभाग सरकार पर पूरी तरह से मेहरबान है. आम जनता अगर का बिल 10 हजार रुपये बकाया हो जाये, तो तुरंत एक्शन, और काट दी जाती है बिजली. लेकिन सरकार के 33 विभागों ने पिछले डेढ़ साल से अब तक बिजली का बिल नहीं दिया है. अब तक सरकारी विभागों ने 200 करोड़ रुपये की बिजली फूंक दी है. इसमें प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस के साथ जिलों में स्थापित विभागों के कार्यालय भी शामिल हैं. वितरण निगम ने कई बार रिमांडर भी दिया गया, लेकिन इस पर सरकार चुप्पी साधे हुये हैं. सीएस के साथ भी इस मसले पर कई राउंड की वार्ता हो चुकी है. यही नहीं सीएमओ और विधानसभा का भी बिजली बिल बकाया है.

नेपाल हाउस सहित सरकारी कार्यालयों में 21 करोड़ से अधिक का बकाया

नेपाल हाउस को छोड़कर डोरंडा के सरकारी कार्यालयों में 21 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हो गया है. इसमें पीएचइडी, स्टेट लेबर इंस्टीट्यूट, चीफ इंजीनियर पीएमयू, एडीजीपी स्पेशल ब्रांच ऑफिस, ऊर्जा विभाग, कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट, ट्रेजरी ऑफिस, फॉयर ऑफिस, रानी कोठी , राजा कोठी शामिल हैं.

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400 करोड़ की खरीदारी और राजस्व 230 करोड़

बिजली विभाग हर माह 400 करोड़ की बिजली खरीदता है. इसके एवज में 230 से 240 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति होती है. अगर विभागों से बकाया मिल जाये तो एक दिन के लिये आधी बिजली खरीदी जा सकती है. इस मसले पर बात करने पर वितरण कंपनी के अफसरों का कहना है कि रिमांडर दिया गया. अब सरकार के उपर है.

विभाग कितना बकाया

खेलकूद-कला संस्कृति 1.51 करोड़
नगर विकास विभाग 14.69 करोड़
पीएचइडी 7.60 करोड़
पशुपालन 43.70 लाख
कैबिनेट 32.16 लाख
सहकारिता 7.59 लाख
ऊर्जा विभाग 32.43 लाख
स्वास्थय विभाग 50.91 लाख
गृह विभाग 55. 59 लाख
मानव संसाधन 21.15 लाख
पीड्ब्ल्यूडी 1.76 लाख
ग्रामीण विकास 17.99 लाख
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 6.48 लाख
वित्त विभाग 53.92 हजार
ऊर्जा विभाग 6.92 करोड़
विधानसभा 38 हजार
रांची नगर निगम 4.61 करोड़़
सूचना विभाग 59.27 हजार
खान विभाग 28.21 हजार
वन विभाग 12.23 लाख
मत्स्य विभाग 53.79 हजार
जलसंसाधन 1.46 लाख
कल्याण विभाग 4.41 लाख
पथ विभाग 70 हजार

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