JharkhandRanchi

झारखंड राज्य संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के पूर्व लिपिक नहीं दे रहे 54.34 लाख का हिसाब

Ranchi: झारखंड राज्य संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के पूर्व लिपिक विनय तिवारी सरकारी एजेंसी को 54.34 लाख का हिसाब नहीं दे रहे हैं. 10 वर्ष बाद 2008 में 50 लाख रुपये कहां खर्च किये गये, किसे दिये गये, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है. न तो पर्षद के पास है और न ही इसकी एंट्री से संबंधित कोई फाइल एजेंसी में दर्ज है. पर्षद के परीक्षा नियंत्रक दिलीप कुमार झा ने इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि यदि लिपिक की ओर से किसी तरह का लेखे का समायोजन नहीं किया जाता है, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाये.

इसे भी पढ़ें – बीजेपी के विधायक आकाश विजवर्गीय की दादागिरी, सरेआम निगम अधिकारी को बैट से पीटा

2008 में इंडियन ओवरसीज बैंक में पैसा जमा करने की खबर

सूत्रों का कहना है कि 2008 में विनय तिवारी ने बतौर लिपिक इंडियन ओवरसीज बैंक में 50 लाख रुपये जमा किये हैं. यह राशि किसके कहने पर एफडीआर की गयी, इसका कोई प्रमाण पत्र एजेंसी के एकाउंट्स में नहीं है. अब 50 लाख रुपये की राशि के समायोजन नहीं होने पर बार-बार ऑडिट टीम इस पर अंगुली भी उठा रही है. उधर श्री तिवारी ने पर्षद से अपने लिए 4.34 लाख रुपये का अग्रिम भी ले रखा है. इसमें से भी एक रुपये पर्षद को नहीं लौटाया गया है.

इसे भी पढ़ें – राज्यसभा में बोले पीएम, मॉब लिंचिंग का दुख, पर पूरे झारखंड को बदनाम करना गलत

अपने कारनामों से सरायकेला-खरसांवा भेजे गये विनय तिवारी

पर्षद में प्रतिनियुक्ति पर रहे विनय तिवारी को उनकी कारगुजारियों को देखते हुए सरायकेला-खरसावां पोलिटेक्निक में भेजा गया है. उनसे पर्षद की तरफ से बार-बार रिमाइंडर के जरिये पैसे का समायोजन करने का आदेश भी दिया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी

Related Articles

Back to top button