
Ranchi: राजधानी मे स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही उपभोक्ताओं से शिकायत मिलने लगी है. कहीं अधिक बिजली बिल आने की समस्या है तो कहीं एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाये जा रहे हैं. वहीं ऊर्जा विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर जांच के लिए थर्ड पार्टी से करायी जायेगी. आने वाले कुछ दिनों मे स्मार्ट मीटर जांच के लिए टेंडर निकाला जायेगा.
Jbvnl अधिकारियों से बात करने से जानकारी मिली कि निगम स्तर से भी स्मार्ट मीटर की जांच की गयी है. अधिकारियों ने खुद स्मार्ट मीटर लगाने और बिलिंग व्यवस्था की जांच की है. उपभोक्ताओं के लिए अब थर्ड पार्टी से जांच करायी जायेगी. थर्ड पार्टी की टीम फिल्ड मे रहकर स्मार्ट मीटर की जांच करेगी. जिसमें बिजली तार, बिजली की चोरी, मीटर, बिलिंग, रीडिंग की जांच होगी. जीएम आईटी संजय सिंह ने बताया कि मीटर की अलग-अलग स्तरों पर जांच हुई है. तभी मीटर लगाया जा रहा. एजेंसी जीनस सेक्योर के मीटर सभी मानको पर खरी है.
स्मार्ट मीटर अधिष्ठान के बाद तीन महीने बाद बिलिंग
अधिक बिल आने की समस्या पर jbvnl ने कहा कि स्मार्ट मीटर अधिष्ठान के तीन महीने बाद बिलिंग होती है. वहीं जून से नयी बिजली दरें लागू की गयी है. ऐसे में बिल अधिक आने की समस्या हो रही है. अब तक डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर राजधानी में लगे है. इसमें नया कनेक्शन के 2500 मीटर ही प्रीपेड है. जो रिचार्ज पर बिजली जल रही. अन्य स्थानों में स्मार्ट मीटर मैनुअल रीडिंग से बिलिंग हो रही है.
एनर्जी यूनिट मे अंतर की होगी जांच
थर्ड पार्टी जांच से बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को सावधान होने की जरूरत है. थर्ड पार्टी जांच में न केवल स्मार्ट मीटर की जांच होगी, बल्कि यह भी देखा जा जाएगा कि क्या स्मार्ट मीटर लगने के पहले और अब आ रही एनर्जी यूनिट में कितना फर्क है. बता दें कि जेबीवीएनएल की ओर से शहरी क्षेत्र के 3.5 लाख उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहे है.
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