
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी राशन विभाग में इन दिनों भारी गड़बड़झाला चल रहा है. इस पूरे मामले में सवालों के घेरे में एफसीआई के ठेकेदार की कारगुजारियों की जबरदस्त चर्चा हो रही है. जानकारों की मानें तो ठेकेदार सत्येंद्र सिंह जिले के पोटका और डुमरिया प्रखंड जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के गोदामों में समय पर राशन की डिलीवरी नहीं कर पा रहे हैं. इस वजह से पिछले दो महीने से कार्डधारियों को सही समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है. इससे उन्हें जबरदस्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस पूरे मामल में पीडीएस दुकानदारों और गोदाम के मुंशी मैनेजर मिलीभगत भी सामने आ रही है. दूसरी ओर एजीएम बताते हैं कि अनाज ही सही समय पर नहीं मिल रहा है तो वे पीडीएस दुकानदारों को सही समय पर कैसे अनाज दें. इससे मामला और पेचीदा बनता जा रहा है, लेकिन जिस तरह से पूरा सिस्टम चल रहा है उसमें भारी गड़गबड़ी की बात से इंकार नहीं किया जा रहा है.
यह है हालत
बात अप्रैल महीने की ही करें तो जानकार बताते हैं कि बीते 13 मार्च से दुकानों में सरकारी कोटे का राशन बांटा जा रहा है. इसे करीब छह से सात दिन में लाभुकों को बांटा जाना है. ऐसे में जाहिर सी बात है कि इतने कम समय में लाभुक न तो ढ़ंग से राशन ले पायेंगे और न ही पीडीएस दुकानदार उन्हें ठीक से राशन दे पायेंगे.
टू-जी मशीन भी है परेशानी का बड़ा कारण
इसकी एक वजह सरकारी राशन दुकानों में इस्तेमाल किया जानेवाला टू-जी मशीन भी है, जो कछुए की चाल से चलता है. इससे एक लाभुक को राशन देने में करीब पांच मिनट तक आराम से लग जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि महज सप्ताहभर में एक राशन डीलर करीब छह सौ कार्डधारियों को राशन कैसे वितरण कर पाएगा? वैसे भी जानकारों की मानें तो राशनिंग विभाग में इस तरह की अनियमितताएं कोई नई बात नहीं है. कई बार तो घोटाले तक सामने आ चुके हैं. इसका सीधा प्रभाव कार्डधारियों पर पड़ता है. उन्हें नियमित समय पर राशन नहीं मिलना आम सी बात है. कारण भले ही कार्डधारियों के पास सूचना के अभाव का हो या फिर काम में व्यस्तता की वजह से समय की कमी, पीडीएस दुकानदार और उससे जुड़े लोग तो मालामाल हो रहे हैं, लेकिन जरुरतमंदों पर आफत आती जा रही है.
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