
Ranchi: रांची, लोहरदगा, खूंटी, सिमडेगा और गुमला के एसपी ऑफिस में क्लर्क नियुक्ति के मामले झारखंड हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने चयन समिति के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.
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अदालत ने नियुक्ति संबंधी सभी मूल दस्तावेज हाइकोर्ट में पेश करने का आदेश दिया. इस मामले को लेकर अब मामले की अगली सुनवाई सात जनवरी 2020 को होगी. बता दें कि यह एसपी ऑफिस के क्लर्क की नियुक्ति से जुड़ा मामला है. रिजल्ट में गड़बड़ी होने पर हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गयी है.
डीआइजी कार्यालय से पांच जिले के एसपी ऑफिस में क्लर्क की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला था
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में डीआइजी कार्यालय से रांची, लोहरदगा, खूंटी, सिमडेगा और गुमला के एसपी कार्यालयों में लिपिक की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था. विज्ञापन में परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक लाने वालों को टंकण को परीक्षा के लिए बुलाया गया था.
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टंकण की परीक्षा के लिए कोई अंक निर्धारित नहीं था. लेकिन नियुक्ति कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष आरके मल्लिक ने टंकण परीक्षा का 100 अंक जोड़ कर परिणाम जारी कर दिया था, जो कि गलत है.
हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर नियुक्ति में हुई गड़बड़ी को चुनौती दी
लिखित परीक्षा में अधिक अंक लानेवाले अभ्यर्थी मेधा सूची से बाहर हो गये और कम अंक लानेवाले अभ्यर्थी टंकण परीक्षा में मनमाने ढंग से अंक मिलने की वजह से मेघा सूची में ऊपर हो गये.
इस दौरान कुल 19 लोगों की नियुक्ति हुई थी. बता दें कि इस संबंध में नीरज नयन चौधरी ने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर नियुक्ति में हुई गड़बड़ी को चुनौती दी है.
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