न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#MultiPurposeIDCard: आधार, DL, वोटर ID सब के लिए एक ही कार्ड- अमित शाह ने दिया प्रस्ताव

2021 की जनगणना होगी डिजिटल, मोबाइल एप के जरिये जुटाये जायेंगे आंकड़ें

3,558

New Delhi: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकों के लिए एक बहु-उद्देश्यीय पहचान पत्र (Multi Purpose ID Card) का विचार पेश किया. जिसमें आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक खाते जैसी सभी सुविधाएं जुड़ी होंगी.

शाह ने यह भी कहा कि 2021 की जनगणना में पहली बार एक मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा और देश कागज-कलम वाली जनगणना से डिजिटल डेटा के युग में प्रवेश करेगा, जो देश में जनगणना कार्य के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगा.

Trade Friends

इसे भी पढ़ेंः#NationalGameScam पूर्व मंत्री बंधु तिर्की को झटका, ACB कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

सब कार्ड के बदले एक आइडी

सोमवार को अमित शाह ने नई दिल्ली में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय के एक नये भवन की आधारशिला रखी.

इस दौरान उन्होंने कहा, ‘क्यों ना हमारे पास आधार, पासपोर्ट, बैंक खाते, ड्राइविंग लाइसेंस, और वोटर कार्ड जैसी सभी सुविधाओं के लिए एक ही कार्ड हो. एक ऐसी प्रणाली होनी चाहिए जिसमें सभी आंकड़ों को एक ही कार्ड में इकट्ठा रख दिया जाए. यह संभव है. यही कारण है कि डिजिटल जनगणना बहुत महत्वपूर्ण है.’

जनगणना में खर्च होंगे 12,000 करोड़

2021 की जनगणना डिजिटल होगी. अमित शाह ने बताया कि 2021 की जनगणना घर-घर जाकर नहीं बल्कि, मोबाइल ऐप के जरिए होगी. उन्होंने कहा कि कोई ऐसा सिस्टम भी होना चाहिए, जिसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर यह जानकारी अपने-आप जनसंख्या आंकड़ें में जुड़ जाए.

गौरतलब है कि इस साल मार्च में केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि अगली जनगणना एक मार्च 2021 से शुरू होगी. इसे लेकर गृह मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया था.

जिसमें यह कहा गया कि यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 3 के तहत लिया गया है. जम्मू-कश्मीर और अन्य ऐसी जगहों पर जहां बर्फबारी होती है जनगणना अक्टूबर 2020 में ही शुरू की जाएगी. जबकि शेष भारत के लिए यह एक मार्च 2021 है.

जनगणना 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 16 भाषाओं में की जाएगी. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जनगणना कार्य के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) के लिए भी आंकड़ें जुटाये जाएंगे.

इसे भी पढ़ेंः#AlQaeda का गढ़ तो नहीं बन रहा जमशेदपुर! अबतक गिरफ्तार हुए 12 संदिग्ध आतंकियों के जुड़ चुके हैं तार

जनगणना के साथ NPR के लिए भी डाटा संग्राह

एनपीआर देश के विभिन्न इलाकों में रहने वाले सामान्य निवासियों की सूची है. अधिकारियों के मुताबिक, यह असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के अखिल भारतीय प्रारूप का आधार बन सकती है.

WH MART 1

इन निवासियों को इस रूप में परिभाषित किया गया है- जो किसी स्थानीय इलाके में पिछले छह महीने या अधिक समय से रह रहे हैं, या जो वहां छह महीने या उससे अधिक समय तक रहने का इरादा रखते हैं.

शाह ने कहा कि जनगणना 2021 के आंकड़ें देश की भविष्य की योजना बनाने, विकास से जुड़े कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार बनेंगे तथा इस कार्य के सफल होने के लिए लोगों की दिल से भागीदारी अहम है.

भविष्य की योजना बनाने के लिए महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की कुल 130 करोड़ आबादी को इसके फायदों के बारे में बताना चाहिए कि जनगणना 2021 के आंकड़ों का किस तरह से भविष्य की योजना बनाने, विकास से जुड़े कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए उपयोग किया जा सकता है. जनगणना के आंकड़ों का उपयोग बहुआयामी है और यह राष्ट्र की प्रगति में अहम योगदान देगा.’’

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जनगणना नगर निकायों के वार्डों, विधानसभा एवं लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन करने में मदद करेगी. उन्होंने जनगणना अधिकारियों से यह कार्य गंभीरता से करने की अपील की क्योंकि यह उनके लिये पुण्य करने का अवसर है, जो राष्ट्र निर्माण में मदद देगा.

शाह ने कहा कि पहले सरकार कल्याणकारी योजनाएं टुकड़ों में लाया करती थी और पिछली सरकारों ने कोई व्यापक योजना नहीं बनायी.

मोदी सरकार ने काम का रवैया बदला

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरा रवैया बदल गया.’’

उन्होंने कहा कि जनगणना 2011 के आधार पर मोदी सरकार ने हर घर बिजली, गैस कनेक्शन, सड़क निर्माण, गरीबों के लिए आवास, शौचालय, बैंक खाते, बैंक शाखाएं खोलने आदि के लिए 22 कल्याणकारी योजनाएं बनाई. शाह ने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 तक ऐसा कोई परिवार नहीं होगा, जिसके पास गैस कनेक्शन नहीं होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आबादी विश्व की कुल आबादी का 17.5 प्रतिशत है, जबकि भोगौलिक क्षेत्र महज 2.4 प्रतिशत है. इस तरह आबादी के अनुपात में भारत के पास सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं. इसलिए असमानता की खाई को पाटने के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी.

इसे भी पढ़ेंः#HowdyModi : पीएम मोदी के अबकी बार ट्रंप सरकार…नारे पर कांग्रेस बिफरी, कहा, यह  विदेश नीति का उल्लंघन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like