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‘राष्ट्रवादी पार्टी’ की सरकार के मुखिया रघुवर ने पुलवामा के शहीदों के परिजनों को ठगा, घोषणा की, अखबारों में छपे पर नहीं दिया एक माह का वेतन

Akshay Kumar Jha

Ranchi: अपने घोषणा पत्र में कई बार अपने आप को ‘राष्ट्रवादी पार्टी’ क्लेम करनेवाली बीजेपी. चुनाव आयोग की लाख सख्ती के बावजूद चुनावी भाषणों में पुलवामा की घटना और देश की सेना का नाम लेनेवाली बीजेपी. बीजेपी को वोट देना पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने जैसा है, यह कहनेवाली बीजेपी. झारखंड में खुलेआम पुलवामा के शहीदों को ठगने का काम कर रही है. ठगना जैसे शब्द का इस्तेमाल इसलिए, क्योंकि 14 फरवरी को पुलवामा में 44 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद दूसरे ही दिन झारखंड के गुमला से शहीद विजय सोरेंग के पार्थिव शरीर को कंधा देने के बाद पूर्ण बहुमतवाली बीजेपी की सरकार के मुखिया रघुवर दास ने एक घोषणा की. घोषणा में उन्होंने कहा कि “पुलवामा के शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाएगी. झारखंड सरकार की तरफ से पुलवामा के शहीदों के परिजनों को मदद के तौर पर मैं और मेरे कैबिनेट के सभी मंत्री एक महीने के वेतन की राशि देंगे.” इसके एक दिन बाद 16 फरवरी को 2.42 मिनट पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा थाः पुलवामा में शहीद हुए वीर सपूतों के परिजनों के साथ पूरा देश खड़ा है. मैं और मेरे मंत्रिमंडल के सभी साथी अपना एक महीने का वेतन शहीदों के परिजनों के चरणों में अर्पित करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं किया.

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कैबिनेट में बनी थी सहमति, सरकार ने नहीं बनाया कोई सिस्टम

अभी तक पुलवामा के शहीदों के परिजनों को कैबिनेट के सदस्यों का एक महीने के वेतन की राशि नहीं पहुंची है. इस बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत सभी मंत्रियों को सैलेरी मिल चुकी है. घोषणा किए करीब तीन महीने होने को हैं. सीएम रघुवर दास की घोषणा के बाद कैबिनेट में सहमति बनी थी. सहमति बनी कि अधिकारियों और कर्मियों के वेतन से एक दिन का वेतन दिया जाये. लेकिन कर्मियों और अधिकारियों के वेतन से भी एक दिन के वेतन की राशि नहीं कटी है. सरकार को एक सिस्टम तैयार करना था कि कैसे कैबिनेट के सदस्यों और सरकार के अधिकारी और कर्मियों के वेतन से राशि कट कर प्रधानमंत्री राहत कोष में जाए. लेकिन इस दिशा में मीडिया में खबर छपने के अलावा कोई काम नहीं हुआ. ऐसे में पुलवामा के शहीदों के परिजन झारखंड सरकार से अपने आप को ठगा हुए महसूस कर रहे हैं.

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मुख्यमंत्रियों सहित मंत्रियों का कितना वेतन

  • मुख्यमंत्री का वेतन: 80,000
  • मंत्री का वेतन: 65,000
  • आइएएस कैडर का वेतन:  1,75,000  से  2,25,000
  • आइएफएस कैडर का वेतन: 1,75,000 से  2,25,000
  • आइपीएस कैडर का वेतन: 1,75,000 से  2,25,000
  • मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों का एक माह का वेतन: 6,50,000
  • सभी आइएएस कैडर के एक दिन का वेतन: 12,88,000
  • आइपीएस कैडर के एक दिन का वेतन: 8,16,000
  • आइएफएस कैडर के एक दिन का वेतन: 11,28,000
  • 1.90 लाख राज्य कर्मियों के एक दिन का वेतन: लगभग 47 करोड़

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