
Gumla : झारखंड के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास की काली छाया अभी भी मौजूद है. इसी वजह से सिसई थाना क्षेत्र के नगर सिसकारी गांव में लाठी-डंडे से पीट-पीटकर चार लोगों की हत्या कर दी गयी.
चारो को डायन-बिसाही बताकर मार डाला गया. मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं. जिसमें 60 वर्षीय चांपा उरांव, सुन्ना उरांव, पीरा उराईन और फगनी उराईन शामिल हैं. घटना शनिवार देर रात की है.
शनिवार की देर रात 8 से 10 की संख्या में आए अज्ञात लोगों ने सभी को घर से बाहर निकाला और फिर लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी. वहीं घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. घटना को सुबह तीन बजे अंजाम दिया गया.
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डायन बिसाही के आरोप में हत्या की आशंका
पुलिस ने बताया की चार लोगों को पीट-पीटकर हत्या के मामले में डायन बिसाही होने का मामला सामने आ रहा है. हालांकि इसकी कोई सही जानकारी नहीं मिल पाई है.
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि शनिवार की रात 8 से 10 की संख्या में आए अज्ञात लोगों ने पहले सभी को घर से निकाला फिर बीच गांव में लेकर गए. और वहां सभी की लाठी डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी.
गांव वाले कुछ बोलने से कर रहे हैं इनकार
चार लोगों की हत्या मामले में सिसकारी गांव के लोग कुछ भी बोलने से इनकार रहे हैं. पुलिस के द्वारा पूछताछ में भी ग्रामीणों ने मामले के बारे में कुछ भी नहीं बताया.
वहीं घटना के बाद से पुलिस गांव में कैंप कर रही है और मामले की छानबीन में जुट गई है. लेकिन आरोपियों के खिलाफ पुलिस के हाथ कुछ भी सबूत नहीं लगे हैं. इस मामले में पुलिस का हाथ फिलाहल खाली हैं.
गुमला एसडीपीओ ने घटना की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की हर संभव जांच की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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डायन बताकर किया जाता अमानवीय अत्याचार
हालांकि झारखंड में डायन बताकर औरतों की पर अत्याचार और उनकी हत्या के मामले कम नहीं है. इसपर रोक लगने की जगह अक्सर इस तरह के मामले देखने को मिलते हैं.
महिलाएं डायन के आरोप में अमानवीय अत्याचार की शिकार होती हैं. डायन होने का आरोप लगाकर औरतों को मल-मूत्र पिलाने, नंगा कर गांवों में घुमाने और उनके साथ सामूहिक बलात्कार करने जैसी खबरें झारखंड में आये दिन सुनने को मिलती है.
समाज में अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी हो गयी हैं कि जरा से भूत प्रेत और डायन ओझा का शक होने पर हिंसक वारदात हो जा रहे हैं. इसके पीछे जागरूकता मुख्य वजह है. समझदारी के अभाव में इस तरह की घटना अक्सर देखने को मिलती है. जिसपर जल्द ही काबू करने की जरूरत है.




