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कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार बना रही पांच साल का एक्शन प्लान

Ranchi: सूबे में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर सरकार अब नयी योजना पर काम कर रही है. इसे लेकर सरकार अब पूर्व में सौंपे गये टी नंदकुमार समिति की कार्य योजना पर काम करेगी. कृषि विभाग ने सभी जिलों से उनके पांच वर्ष के एक्शन प्लान पर रिपोर्ट मांगी है जिसका अध्ययन कर उस पर काम किया जायेगा.

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कृषि विभाग दूसरे राज्यों की कार्य प्रणाली का भी अध्ययन कर रहा है. इन राज्यों में छत्तीसगढ़, पंजाब, केरल व अन्य राज्यों के उन्नत कृषि तकनीकों को देखा जा रहा है.

साथ ही वहां की कृषि नीति को देख उसे भी झारखंड के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. कृषि मंत्री बादल बताते हैं कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार हर कदम उठा रही है. किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके इसे लेकर वे बेहतर एक्शन प्लान पर काम करेंगे.

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मालूम हो कि टी नंदकुमार समिति द्वारा 2017 में सौंपी गयी तीन वर्षों की समेकित कार्य योजना की रिपोर्ट में राज्य के विकास संबंधी कई बातों को रखा गया था. इसी में से कृषि क्षेत्र को बेहतर करने का काम किया जायेगा. उस प्लान में 2020 तक सिंचाई क्षमता का उपयोग आठ लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था.

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किस तरह से सरकार काम करेगी

पांच वर्ष के एक्शन प्लान में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जायेगा. इसमें जैविक खाद का इस्तेमाल अधिक करने को लेकर प्लान बनेगा. कम पूंजी में किस तरह से किसानों को अधिक लाभ मिल सके इस पर भी काम किया जायेगा. दूसरे राज्यों की कृषि तकनीक व उत्पादन को देखा जा रहा है.

कृषि निदेशालय के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इन राज्यों की सरकार ने बेहतर प्लानिंग के तहत कृषि को विकसित किया है. तमिलनाडु में जहां किसान भाई-बहनों के लिए कम्यूनिटी रेडियो के 60 स्टेशन हैं, वहीं झारखंड में सिर्फ गिरिडीह और बीएयू में है. इससे भी विकास की गति को आंका जा सकता है.

इस क्षेत्र में अगर विकास किया जाए तो किसानों को पल-पल के मौसम की जानकारी और रबी से लेकर खरीफ फसलों के बुआई से लेकर कटाई तक की जानकारी आसानी से मिल सकेगी. इससे 34 लाख किसानों को लाभ मिल सकेगा.

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कुछ जिलों ने भेजा है एक्शन प्लान

इधर, कुछ जिलों ने अपने पांच वर्ष का एक्शन प्लान भी विभाग को भेजा है. इसमें रांची जिले से भेजे गए एक्शन प्लान में बताया गया है कि पंचायत स्तर पर लैंप्स का गठन किया जाए ताकि किसानों को बेहतर सुविधा मिल सके. बाजार की व्यवस्था की जाए, खेतों से उत्पाद उठाया जाए. महिला समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फंड की व्यवस्था हो, साथ ही राइस मिल को बढ़ाया जाए ताकि सरकार का पैसा बच सके और किसानों को लाभ मिले.

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