BokaroJharkhand

डीवीसी के स्क्रेप पावर प्लांट में चालू बिजली लाइन का केबल कटिंग के दौरान फ्लैशिंग से दो मजदूर झुलसे, गंभीरावस्था में बीजीएच रेफर

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के स्क्रेप वाले 630 मेगावाट वाले पावर प्लांट में केबल काटने का कार्य के दौरान हुए फ्लैशिंग से स्थानीय मुर्गी फार्म एवं बिरसा नगर निवासी दो मजदूर बुरी तरह से झुलस गए. स्थानीय डीवीसी के हॉस्पिटल में उपचार के बाद गंभीरावस्था में घायल दोनों मजदूरों को बीजीएच बोकारो रेफर कर दिया गया है. घटना मंगलवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे की है. घटना के संबंध में बताया जाता है कि स्क्रेप वाले बी पावर प्लांट की कटिंग का कार्य हैदराबाद की राधा स्मेलटर्स कंपनी को दिया गया है.

मंगलवार को भी प्लांट फायर सेक्शन के समीप जीरो मीटर लेवल पर नाला में कंपनी सुपरवाइजर के निर्देश पर गोविंदपुर सी पंचायत अंतर्गत मुर्गी फार्म निवासी स्व अनिल राम का 21 वर्षीय पुत्र नकुल राम और गोविंदपुर डी पंचायत अंतर्गत बिरसा नगर निवासी लखन सिंह का पुत्र रवि सिंह 15 एमवी का केबल काटने गये. दोनों ही मजदूर हेक्सा ब्लेड से मैनुअली बिना कोई सेफ्टी के केबल काटने लगे.

केबल काटने के क्रम में जोर का फ्लैशिंग होने पर दोनों ही मजदूर झुलस गए और नाला में ही गिर पड़े. फ्लैशिंग से नकुल राम का दोनों घुटना से नीचे पैर,चेहरा एवं बायां हाथ तथा दाहिने हाथ का आंशिक हिस्सा बुरी तरह से जल गया. जबकि रवि सिंह का दाहिना हाथ, कंधा और चेहरे का थोड़ा हिस्सा झुलस गया. कार्यस्थल पर मौजूद बाकी कामगारों ने कंपनी के ही एम्बुलेंस से तत्काल दोनों घायलों को डीवीसी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉ एसके झा सहित अन्य डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ एवं फार्मासिस्ट की टीम ने दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया.

सूचना पाकर घायलों के परिजन, गोविंदपुर सी पंचायत के मुखिया विकास सिंह,आजसू बेरमो प्रखंड अध्यक्ष मंजूर आलम, जलेश्वर महतो, जितेंद्र यादव, मजदूर नेता रंजीत राम, राजेश सिंह,डीवीसी के सेफ्टी ऑफिसर अशोक कुमार चौबे,अभियंता शशिशेखर, कंपनी के सुपरवाइजर राकेश सिंह सहित काफी संख्या में कामगार एवं मजदूर हॉस्पिटल पहुंचे गये.गंभीर रुप से झुलसकर घायल नकुल राम की दादी इंदू देवी एवं मां लखी देवी का रो-रो कर बुरा हाल था. प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए कंपनी के एम्बुलेंस से बीजीएज बोकारो रेफर किया गया.

कैसे घटी घटना

स्क्रेप पावर प्लांट में कटिंग का कार्य के दौरान डीवीसी एवं कंपनी के सेफ्टी विभाग का कोई अधिकारी या इंजीनियर, सुपरवाइजर या डीवीसी के स्क्रेप कटिंग का कार्य के लिए नियुक्त इंजीनियरों की टीम का कोई सदस्य मौजूद नहीं रहता है. कंपनी के सुपरवाइजर मनमाने तरीके से स्क्रेप कटिंग का करवा रहें हैं. मंगलवार को फायर सेक्शन के समीप जिस केबल को हेक्सा ब्लेड से काटा जा रहा था वह पावर प्लांट से कॉलोनी को जानेवाली फीडर वन की 15 एमवी की चालू लाईन थी. चालू लाइन को काटने के दौरान ही घटना घटी है. केबल कटने एवं फ्लैशिंग के बाद एक नंबर फीडर से कॉलोनी को सप्लाई होने वाली बिजली सेवा ठप हो गई है.

क्या कहते हैं डीवीसी के सेफ्टी ऑफिसर

डीवीसी के सेफ्टी ऑफिसर अशोक कुमार चौबे ने मामले को लेकर पूछे जाने पर कहा कि जिस लाइन को काटा जा रहा था वह चालू लाइन का केबल था.कहा कि इसे देखने के लिए इलेक्ट्रिकल विभाग के इंजीनियर को रखा गया है. कहा कि घटना में दोनों मजदूरों की जान भी जा सकती थी.

स्क्रेप कटिंग का कार्य देखने को लेकर गठित टीम के इंजीनियर सचिन बोदलकर ने पूछे जाने पर कहा कि इसे देखने के लिए इलेक्ट्रिकल विभाग के अधिकारी एवं इंजीनियर हैं और उनको ही बताना था कि कौन सा केबल काटना है और कौन सा नहीं काटना है. मामले को लेकर एचओपी आनंद मोहन प्रसाद को उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

आजसू प्रखंडध्यक्ष मंजूर आलम, जलेश्वर महतो आदि का कहना था कि स्क्रेप कटिंग के कार्य में डीवीसी के अधिकारियों एवं कंपनी की सांठगांठ से नॉट फोर सेल के भी कई उपकरणों को काटकर ले जाया गया है, और इसी के तहत मंगलवार को भी चालू बिजली लाइन के केबल को काटने का कार्य किया जा रहा था जिससे घटित दुर्घटना में दो मजदूरों को झुलसना पड़ा है. कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और मजदूरों का समुचित इलाज के साथ मुआवजा की राशि का भुगतान भी कंपनी से करवाया जाय अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जाएगा.

Related Articles

Back to top button