
Ranchi: रिम्स में शनिवार को हुए कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद रविवार को रिम्स प्रबंधन सक्रिय दिखा. रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह ने शनिवार को हुई इस मौत के बाद डॉक्टरों और प्रबंधन की एक आवश्यक बैठक बुलायी.
मीटिंग में शनिवार को हुई लापरवाही सहित कई अन्य चीजों पर चर्चा की गयी. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रिम्स निदेशक ने बताया कि ड्यूटी डॉक्टरों ने रिम्स प्रबंधन को कोरोना मरीज की मौत की सूचना नहीं दी थी, मीडिया में खबर आने के बाद प्रबंधन को पता चला.
रिम्स निदेशक ने माना कि भर्ती की पर्ची में परिजन के नंबर दिये रहते हैं, सूचना दी जानी चाहिए थी. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं. रिम्स निदेशक ने यह भी कहा कि मृतक को कोरोना पॉजिटिव पाये जाने की संभावना बहुत ही कम थी, इसलिए डॉक्टरों ने स्थिति बिगड़ने पर सेंट्रल इमरजेंसी में ईलाज के लिए रेफर किया था. जिसके बाद मौत हो गयी. मृतक के परिजनों को अभी तक शव नहीं सौंपा गया है.
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स्पेशल टास्क फोर्स को काम बांटे गये
रिम्स निदेशक डॉक्टर डीके सिंह ने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स को काम बांटकर करने के लिए कहा गया है. रविवार को टास्क फोर्स में नये सदस्यों को जोड़ा गया है. पहले छह लोगों की टीम थी. डॉ प्रो आरके पांडेय और डॉ प्रो डीके सिन्हा टास्क फोर्स के काम को सुपरवाइज करेंगे. टीम बांट कर यह तय किया जायेगा कि कौन क्या काम करेंगे.
किसी के मृत्यु हो जाने पर उसे कैसे डिस्पोज किया जाना है. कौन मरीज कहां आया, कहां गया, कौन ईलाज कर रहा है, पूरी स्टेटस रिपोर्ट भी एसटीएफ की टीम तैयार करेगी. अन्य कामों को भी एसटीएफ की टीम देखेगी.
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रिम्स में बढ़ा है सैंपल लोड
रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह ने बताया कि रिम्स में सैंपल का लोड बढ़ा है. सभी जिलों से सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी अस्पताल मरीज को एडमिट नहीं ले रहा है. सर्दी खांसीवाले मरीज को भी कोविड-19 लिख कर जांच के लिए रिम्स भेज दे रहा है.
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