
जम्मू और कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजौरी में शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए हैं. मुठभेड़ में घायल हुए चार जवानों को उधमपुर के कमांड अस्पताल ले जाया गया है. इस मुठभेड़ में अभी तक किसी भी चरमपंथी के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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जम्मू में सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बीबीसी हिंदी को बताया कि इलाके में चरमपंथियों का एक समूह मौजूद है और सेना की कार्रवाई जारी है. उन्होंने बताया कि जम्मू क्षेत्र में भाटा धूरियन के तोता गली इलाके में सेना के एक ट्रक पर घात लगाकर किए गए हमले में शामिल चरमपंथियों के एक समूह का सफाया करने के लिए भारतीय सेना के जवान निरंतर खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चला रहे हैं.

लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद के अनुसार राजौरी सेक्टर के कंडी इलाके में चरमपंथियों की मौजूदगी की विशेष सूचना पर तीन मई को एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था. पांच मई को सुबह के लगभग साढ़े सात बजे चरमपंथियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई. चरमपंथी उस वक़्त एक गुफा में छुपे हुए थे.
सेना के प्रवक्ता के अनुसार, “चरमपंथियों ने जवाबी कार्रवाई में एक विस्फोटक दागा जिसमें भारतीय सेना के दो जवान मारे मारे गए हैं और चार अन्य घायल सैनिकों को उधमपुर के कमांड अस्पताल ले जाया गया है.”उन्होंने बताया कि आसपास के इलाकों से अतिरिक्त टीमों को मुठभेड़ स्थल के लिए रवाना किया गया है. ऑपरेशन जारी है.




