
Ranchi: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार बर्खास्त इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी मंगलवार से अपने हिरासत ले लिया है. अगले दस दिनों के लिए राम विनोद सिन्हा को हिरासत में लिया गया है और मंगलवार को उससे ईडी मामले में पूछताछ करेगी. पूर्व कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था. करोड़ों की हेराफेरी के आरोपी इंजीनियर की पत्नी, बेटा और बेटी अभी फरार है.
एसीबी की जांच में भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा के खिलाफ कांड सत्य पाया गया था. उन पर आय से 679 प्रतिशत अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई थी. भ्रष्टाचार का यह मामला वर्ष 2006 से 2010 के बीच का है. इनपर खूंटी जिला परिषद के मनरेगा योजना से जुड़े 18 करोड़ 76 लाख 144 रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है.
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एसीबी की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी. इंजीनियर गिरफ्तारी के बाद जेल गए थे. भ्रष्टाचार में उनकी पत्नी शीला कुमारी, पुत्री पूजा सिन्हा व पुत्र राहुल कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी, इसकी पुष्टि भी हो चुकी है.
10 दिनों के ईडी रिमांड पर है राम विनोद प्रसाद सिन्हा
ईडी की टीम मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी बर्खास्त इंजीनियर राम बिनोद प्रसाद सिन्हा से मंगलवार को अपने हिरासत में लेकर अगले 10 दिनों तक पूछताछ करेगी. सोमवार को अदालत ने पुलिस को रिमांड की दे दी थी.
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पूछताछ के बाद 9 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा. सोमवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत में ईडी के वरीय विशेष लोक अभियोजक एसआर दास ने पुलिस रिमांड की अनुमति से संबंधित दायर आवेदन पर बहस की.
उन्होंने कोर्ट से कहा कि आरोपी के पास अभी भी 14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है. संपत्ति का खुलासा करने के लिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेना आवश्यक है. ईडी की ओर से पूछताछ के लिए 10 दिनों के पुलिस रिमांड पर लेने का आवेदन दिया गया था. जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद स्वीकार कर लिया था.
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