
Ranchi: राज्य में बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट पर कई कर्मी कार्यरत हैं. ऐसे कर्मियों को नियमित किये जाने के मसले पर राज्य सरकार की ओर से 18 अगस्त, 2020 (पत्रांक 4011) को एक हाई पावर कमिटी बनायी गयी थी. विकास आयुक्त की अध्यक्षता में यह कमिटी अब तक अनुबंध कर्मियों के मसले पर अपनी ओऱ से रिपोर्ट तैयार करने में लगी ही हुई है. अब तक उसने सरकार को अपनी ओर से किसी तरह की अनुशंसा नहीं दी है. विधानसभा के जारी बजट सत्र में राज्य सरकार ने यह जानकारी दी है.
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड की मानें तो इस समिति की ओर से अनुशंसा प्रदान करने की कार्रवाई फिलहाल प्रक्रियाधीन है.
अनुबंध कर्मियों के सामने चैलेंज
विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार से यह जानना चाहा था कि अनुबंध एवं संविदा पर कार्यरत कर्मियों की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को अनुकंपा का लाभ दिया जाता है या नहीं. साथ ही उन्होंने दो साल पहले (18.08.2020) गठित हाई पावर कमिटी की ओर से सररकार को रिपोर्ट दिये जाने के संबंध में भी जानकारी मांगी थी.
इस पर सरकार ने बताया कि कार्मिक विभागीय परिपत्र सं-10167, 01.12.2015 की कंडिका-3 में परिभाषित सरकारी सेवक की सेवा काल में मृत्यु होने पर उनके एक आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दिये जाने पर विचार किया जाता है.
कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मामले में उनके आश्रितों को अनुकंपा पर नियुक्ति दिये जाने के मामले में अभी हाई पावर कमिटी ने कोई अनुशंसा नहीं की है.
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