
Chhaya
Ranchi : विगत कुछ सालों में तकनीकी के क्षेत्र में वृहद विकास हुआ है. तकनीकी विकास का ही नतीजा है कि देश दुनिया को लोग जेब में लिये घुमते हैं. फिर भी युवाओं में अपने करियर और भविष्य को लेकर काफी असमंजस देखा जाता है. विशेषकर इंटर परीक्षा पास करने के बाद विद्यार्थियों में कैरियर को लेकर काफी असमंजस देखा जाता है. ऐसे में आप अपने बारे में डीएमआईटी टेस्ट के जरिये सब कुछ जान सकते हैं. इसके लिये आपको ज्यादा कुछ नहीं बस अपने फिंगर प्रिंट की आवश्यकता होगी. आपको जानकार थोड़ी हैरानी होगी कि ये फिंगर प्रिंटआपके भविष्य के बारे में बता सकता है. आपको बता दें कि इंसानी शरीर जैसे-जैसे बढ़ता है वैसे-वैसे उसके शरीर में भी काफी बदलाव होते हैं. लेकिन फिंगर प्रिंट मे कोई बदलाव नहीं होते और यही कारण है कि तकनीक के माध्यम से हम अपने भविष्य के बारे में जान सकते हैं वो भी सिर्फ प्रिंगर प्रिंट से.
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क्या है डीएमआईटी टेस्ट
डीएमआईटी टेस्ट का पूरा नाम डर्माटोग्लाइफिक्स मल्टीपल इंटेलिजेंस टेस्ट है. जो एक तरह से फिंगर प्रिंट स्टडी करता है. फिंगर प्रिंट के माध्यम से इंसानी जीवन के बारे में संपूर्ण जानकारी देता है. तीन वर्ष के ऊपर के बच्चों से लेकर हर वर्ग के लोग इसे करा सकते हैं. इससे ना सिर्फ करियर बल्कि उक्त इंसान के व्यवहार, गुणवत्ता आदि के बारे में भी जानकारी मिल जाती है.
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पिछले आठ सालों से भारत में प्रचलित
डीएमआईटी टेस्ट मूल रूप से सिंगापुर की तकनीक है. जहां इसका अधिक उपयोग किया जाता है. इसके साथ जापान और चीन जैसे देशों में भी इसका प्रयोग किया जाता है. पिछले आठ सालों से भारत में यह तकनीक प्रचलित है. यहां मात्र चार कंपनियां ही है जो इसकी फ्रेंचाइजी चला रही है. वहीं लोगों में जानकारी के आभाव की वजह से देश के विभिन्न भागों में इसके बहुत कम ही टेस्ट सेंटर हैं.
टेस्ट से मिलती हैं ये जानकारियां
इस टेस्ट को तीन साल से ऊपर के हर उम्र और आयु वर्ग के लोग करा सकते हैं. जिससे जन्मजात गुण, व्यक्तिगत खासियत, व्यक्ति के एकाधिक बुद्धिमानी के गुण, सोचने की शक्ति, कैरियर ऑप्शन, उच्च शिक्षा में विषय चयन, क्रियाकलापों समेत व्यक्ति के बारे में अन्य जानकारियां भी देता है. टेस्ट रिर्पोट 24 घंटे में मिल जाती है.
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बच्चों में होता है 99 प्रतिशत इन बोर्न टैलेंट
रांची शहर में चिल्ड्रन टैलेंट सर्च एकेडमी की साइकोलॉजिस्ट रजनी सिंह पिछले तीन सालों से शहर में डीएमआईटी टेस्ट कर रही हैं. इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि किसी भी बच्चे में 99 प्रतिशत इन बोर्न टैलेंट होता है. इन बॉर्न टैलेंट बच्चों में जन्मजात होता है. ऐसे में कई बार देखा जाता है कि मां बाप बच्चों के गुण नहीं समझ पाते हैं या फिर बहुत बार बच्चे दबाव में आकर खुद अपने टैलेंट को खो देते हैं. ऐसे में बच्चों का डीएमआईटी टेस्ट कराने से पेरेंट भी बच्चों के गुण को समझ पाते हैं और बच्चे भी अपने पसंदीदा क्षेत्र में आगे बढ़ पाते हैं. उन्होंने बताया कि कई बार ये भी देखा जाता है कि युवा या प्रौढ़ वर्ग के लोगों के लिए भी ये टेस्ट काफी लाभदायक रहता है.
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माता-पिता को मिलती है सहायता
टेस्ट से जहां बच्चों का करियर काउंसलिंग हो सकता है, वहीं माता-पिता में भी दबाव नहीं रहता कि बच्चे को किस क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाए. टेस्ट से अभिभावक बच्चों के गुण के बारे में जान जाते हैं और उन्हें उनकी इच्छानुसार उसी क्षेत्र में अग्रसर करते हैं. रजनी सिंह ने बताया कि करियर को लेकर युवा में काफी तनाव देखा जाता है. कई बार माता-पिता भी बच्चों को दूसरे क्षेत्रों में कैरियर बनाने के बारे में बताते हैं. ऐसे में ये टेस्ट करने से बच्चों के बारे में पूरी जानकारी मिलती है. रजनी सिंह ने कहा कि आठवीं नौवीं कक्षा से ही बच्चों को उनकी रूचि के अनुसार क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करें.




