
Ranchi : रांची वीमेंस कॉलेज में करियर काउंसलिंग लेक्चर के तहत साइंस ब्लॉक सेमिनार हॉल में छात्राओं को कैरियर के साथ-साथ कौशल के महत्व के बारे जानकारी दी गयी. इस अवसर पर वक्ता के रूप में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव कोर्सेज (आईआईसीसी) के निदेशक मो. महबूब आलम ने छात्राओं को नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के विभिन्न कोर्स के बारे में बताया.
डिग्री के साथ-साथ विद्यार्थियों के कौशल को महत्व बढ़ गयाः मो आलम
मो. आलम ने कहा कि अब किसी भी क्षेत्र में डिग्री के साथ-साथ विद्यार्थियों के कौशल को महत्व बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में कौशल व्यक्ति के दैनिक जीवन की मांगों और चुनौतियों का प्रभावपूर्ण ढंग से सामना करने में समर्थ बनाती है. प्रत्येक कौशल आपको एक व्यक्ति के रूप में विकसित होने मंम मदद करता है. उन्होंने छात्राओं से सरकार द्वारा कौशल के क्षेत्र में लागू विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया.
कौशल विकास और प्रशिक्षण विद्यार्थियों में भावनात्मक परिपक्वता पैदा करता हैः प्रो रत्ना
इससे पूर्व फैशन डिजाइनिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर रत्ना सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण विद्यार्थियों में भावनात्मक परिपक्वता पैदा करने में मदद करता है. इस योजना में लगभग हर साल 24 लाख युवाओं को स्किल बेस्ड ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है. स्किल इंडिया मिशन के तहत युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वो खुद का रोजगार शुरू कर सके. साथ ही अपना तथा अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें. इसमें प्रशिक्षण लेने के बाद जो सर्टिफिकेट मिलता है, वह पूरे देश में मान्य है. कोई भी कहीं भी जाकर अपना रोजगार कर सकता है. इस अवसर पर हर्षिता सिन्हा, शैल सिंह, ज्योति मिश्रा सहित कई विभागों की छात्राएं उपस्थित थीं.
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