JharkhandJharkhand PoliticsJharkhand StoryKhas-KhabarLead NewsMain SliderRamgarhRanchiTOP SLIDERTop Story

रामगढ़ उपचुनाव में रघुवर दास को कैंडिडेट बना ले भाजपा, महागठबंधन की ही जीत तय: झामुमो

Ranchi: रामगढ़ विधानसभा के उपचुनाव के लिए झामुमो ने भाजपा को चैलेंज किया है. पार्टी कार्यालय में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते कहा कि आने वाले समय में रामगढ़ में विधानसभा के उपचुनाव होनेवाले हैं. भाजपा को चाहिए कि इस चुनाव में अपने प्रत्याशी के तौर पर रघुवर दास को उम्मीदवार घोषित करें और उन्हें जीताने में जुट जाये. रामगढ़ विधानसभा के इस उपचुनाव में भी भाजपा और आजसू के लोग बुरी तरह परास्त होंगे, क्योंकि जनता का आशीर्वाद हेमन्त सरकार के साथ है. सुप्रियो ने कहा कि तीन वर्ष पूर्व जिस हालात में हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री पद को संभाला और जो समस्या रघुवर दास के द्वारा विरासत में मिली, फिर कोविड 19 के प्रभाव से दो सालों में जो इस राज्य ने झेले, उसके बाद भी हम आज बेहतर स्थिति में हैं, तो इसके लिए राज्य सरकार की प्रशंसा करनी होगी.
इसे भी पढ़ें: पूछताछ के एक महीने बाद सीएम हेमंत सोरेन ने ईडी को सौंपा संपत्ति का ब्यौरा

जेएमएम महासचिव ने कहा कि हमने बहुत ही कम समय में कई लैंडमार्क या मानक स्थापित किये हैं. जैसे 1932 का खतियान, 27 प्रतिशत आरक्षण, सरना धर्म, सर्वजन पेंशन योजना, ओपीएस को लागू करना, छोटे सिपाहियों की उनकी समस्या का समाधान करना कोई मजाक बात नहीं. जिस रघुवर सरकार में एक भी जेपीएससी की परीक्षा नहीं हुई, वहां जेपीएसकी की परीक्षा आयोजित कर सैकड़ों बच्चों को नौकरी दिलवाना कोई सामान्य बात नहीं. आज कई खेल पदाधिकारियों व कृषि पदाधिकारियों की नियुक्तियां हेमन्त सरकार में ही हुई. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में अब तक कई उपचुनाव हुए, और उन सभी उप चुनावों में सत्तापक्ष को ही सफलता मिली आखिर ये सफलता क्या बताती है, ये भाजपाइयों को सोचना चाहिए.

झामुमो के मुताबिक अगले वर्ष 2023 में पार्टी और सरकार के सामने कई चुनौतियां आएंगी। हालांकि पार्टी इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। सुप्रियो के अनुसार 2023 की चुनौतियों के लिए झामुमो व सरकार अभी से तैयार है। अगला वर्ष बहुत बड़ी चुनौती के साथ, निर्णायक साल होने जा रहा है। हम मुसीबतों की ओर बढ़ रहे हैं, एक तो कोरोना हमारे सामने मुंह बाये खड़ा है तो दूसरी ओर हमें भाजपा के साजिशों का भी प्रहार सहना है। इन दोनों प्रहारों से हम दो-दो हाथ करने को अभी से तैयार हैं। हमारी पार्टी जो अभी तीन साल पूरे करने जा रही है, निश्चय ही यह अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी। आगे भी हम सत्ता संभालेंगे, इसमें कोई किन्तु-परन्तु नहीं है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसियों को अपने नियंत्रण में लेकर अपने राजनीतिक विरोधियों को पटखनी देने की योजना भाजपा ने पाल रखी है। हमारी उसी योजना पर पैनी नजर है। जिसका जवाब वे 1932 के खतियान, नियोजन नीति, 27 प्रतिशत आरक्षण, सरना धर्म लागू करने की अपनी नीति से दे रहे हैं। सुप्रियो ने भाजपा, आजसू पार्टी से सवाल पूछते कहा कि ओबीसी के आरक्षण पर चुनाव कराने की बात वे कह रहे थे, यूपी को योगी सरकार तो उसे लागू कर चुकी थी। आखिर यूपी के ही एक न्यायालय ने उसे खारिज क्यों कर दिया, अब भाजपा व आजसू के लोगों के इस मुद्दे पर मुंह बंद क्यों हैं।

Related Articles

Back to top button