
Ranchi: झारखंड के देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज में साइबर क्राइम की घटना की रोकथाम को लेकर मनोज कुमार राय की जनहित याचिका की सुनवाई गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई.मामले में कोर्ट ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (ट्राई ) की ओर से कोर्ट को बताया कि साइबर अपराध उसके क्षेत्राधिकार का विषय नहीं है, यह विषय नीतिगत फैसले से जुड़ा है जो की भारत सरकार के गृह मंत्रालय के क्षेत्राधिकार में आता है. इस पर चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में ट्राई और भारत सरकार के गृह मंत्रालय को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 22 जून निर्धारित की. बता दें कि पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने मामले में ट्राई को प्रतिवादी बनाया था.
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कोर्ट ने पूर्व में प्रार्थी के हस्तक्षेप याचिका (आईए) के आलोक में ईडी से भी पूछा था कि देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज में साइबर क्राइम की घटनाओं में कितने साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई और कितने साइबर अपराधियों की प्रॉपर्टी सीज की गई है. प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार ने कोर्ट को बताया गया था कि झारखंड के देवघर, जामताड़ा और साहिबगंज में साइबर अपराधी सक्रिय हैं. इनके द्वारा बड़े पैमाने पर झारखंड से साइबर क्राइम की घटना को अंजाम दिया जाता है. साइबर अपराधी झारखंड सहित देश के अन्य राज्यों में साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते हैं. पुलिस का साइबर सेल है लेकिन यह खास एक्टिव नहीं है. ऐसे में साइबर अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है, इन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है.




