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श्रीलंका में सभी मुस्लिम मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, हिन्दू सांसदों ने जताया कड़ा ऐतराज

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Colombo: श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर चर्च पर हुए हमले के बाद से ही श्रीलंका में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस हमले में 250 लोग मारे गये थे. उसके बाद से ही बौद्ध बहुल श्रीलंका में अल्पसंख्यकों और इनके बीच तनातनी चल रही है. इसी कड़ी में मंगलवार को श्रीलंका सरकार के सभी नौ मुस्लिम मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है. दो प्रांतीय गवर्नरों ने भी इस्तीफा दिया है.

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बौद्ध भिक्षु थे आमरण अनशन पर

श्रीलंका के प्रभावी बौद्ध संन्यासी अथुरालिये रतना की भूख हड़ताल को देखते हुए इन मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दिया है.  रतना ने कहा था कि उनका यह आमरण अनशन है और जब तक दो प्रांतीय मुस्लिम गवर्नर और एक मंत्री इस्तीफ़ा नहीं दे देते हैं, तब तक यह जारी रहेगा. मुस्लिम मंत्रियों के इस्तीफ़ा होने के बाद रतना ने अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दी.

बौद्ध संन्यासी का कहना है कि इन मंत्रियों के आत्मघाती हमलावर से संबंध थे. उन्होंने राष्ट्रपति से इन मंत्रियों को हटाने के लिए कहा था. हालांकि संन्यासी रतना ने सभी मुस्लिम मंत्रियों को निशाने पर नहीं लिया था, पर मुस्लिम मंत्रियों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इस्तीफा दे दिया.

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सरकार पर असर

मंत्रियों के इस्तीफ़े से सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ये बतौर सासंद सरकार के साथ खड़े हैं. श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस के सांसद राउफ़ हाकीम ने कहा है कि उन्होंने और अन्य मुस्लिम नेताओं ने इसलिए इस्तीफ़ा दिया है ताकि सरकार आरोपों की जांच कर सके.  रउफ़ ने कहा कि श्रीलंका में मुस्लिम विरोधी कैंपेन और आरोपों से हम मुक्त होना चाहते हैं इसलिए इस्तीफ़ा ज़रूरी था.

रउफ ने कहा कि अगर जांच में हम किसी भी तरह से दोषी पाये जाते हैं, तो जो भी सज़ा होगी भुगतने के लिए तैयार हैं.

हिंदू सांसदों ने जताया ऐतराज

श्रीलंका की इस राजनीतिक घटना पर हिंदू सांसदों और नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताया है. हिंदू सांसदों ने इन इस्तीफों का विरोध किया है. द तमिल नेशनल अलायंस (टीएनए) ने कहा कि मुस्लिम मंत्रियों के साथ भेदभाव हो रहा है. टीएनए के प्रवक्ता और सांसद एम सुमनतिरन ने कहा कि आज ये निशाने पर हैं, कल हमलोग होंगे और आगे कोई और होगा. आज सभी श्रीलंकाई नागरिकों को साथ रहने की ज़रूरत है. हमलोग मुसलमानों से मिल कर रहेंगे.

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तो बुद्ध भी नहीं बचा पायेंगे देश को

तमिल प्रोग्रेसिव अलायंस और श्रीलंका के हिन्दू नेता मनो गणेशण ने कहा है कि अगर सरकार बौद्ध संन्यासियों के हिसाब से चलेगी तो गौतम बुद्ध भी देश को नहीं बचा पायेंगे. गणेशन ने कहा कि मुसलमानों पर कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है और न ही ये आज तक ऐसी गतिविधि में शामिल रहे हैं.

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खौफ में मुस्लिम आबादी

शहरी विकास, जल एंव आपूर्ति मंत्री रउफ़ हकीम ने कहा कि बीते दो दिनों से देश की मुस्लिम आबादी ख़ौफ़ में है. हकीम श्रीलंका की सबसे बड़ी मुस्लिम पार्टी के मुखिया हैं. उन्होंने कहा कि हमारे लोग ख़ूनी संघर्ष से डरे हुए हैं.

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