
Kolkata : पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ के नारे पर राजनीति जारी है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नारे ‘‘जय श्री राम’’ और ‘‘जय महा काली’’ होंगे. पार्टी तब तक राज्य में प्रचार करेगी जब तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर देती. उक्त बातें बीजेपी के पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कही.
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बंगाल महाकाली की धरती है
कैलाश विजयवर्गीय ने राज्य में लोकसभा चुनाव में भगवा पार्टी की शानदार जीत के बाद पहले दौरे में कहा कि बंगाल में हमारे नारे ‘जय श्री राम’ और ‘जय महाकाली’ होंगे. बंगाल महाकाली की धरती है. हमें मां काली का आशीर्वाद चाहिए.
भाजपा ने राज्य के लिए अपने नारों की सूची में ‘‘जय महा काली’’ ऐसे समय में शामिल किया है जब टीएमसी ने भाजपा पर बाहरी लोगों की पार्टी होने का आरोप लगाया जो बंगाल की संस्कृति नहीं समझते.
विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में भाजपा का प्रचार तब तक अधूरा रहेगा जब तक टीएमसी सरकार सत्ता से बाहर नहीं हो जाती और भगवा पार्टी के नेतृत्व में नयी सरकार नहीं बन जाती.
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धर्म को राजनीति में मिला रही बीजेपी : ममता बनर्जी
वहीं रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने आरोप लगाया था कि भाजपा बार-बार ‘जय श्री राम’ का इस्तेमाल कर धर्म को राजनीति में मिला रही है. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि नफरत की विचारधारा के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया जा रहा है, जिसका विरोध किया जाना चाहिए.
उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि जय सिया राम, जय रामजी की, राम नाम सत्य है आदि के धार्मिक और सामाजिक निहितार्थ हैं. लेकिन भाजपा धार्मिक नारे जय श्री राम को अपनी पार्टी के नारे के तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल कर धर्म को राजनीति से मिला रही है.




