
Ranchi : आजसू पार्टी की ओर से आय़ोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया. दलादली चौक, रांची के पास पार्टी प्रमुख सुदेश कुमार महतो, विधायक लंबोदर महतो सहित पार्टी के सभी नेताओं को प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर रोके रखा. अंततः वहीं पर सुदेश महतो ने सभा को संबोधित करते हुए उनमें जोश भरा. कहा कि हर हाल में इस सरकार को झारखंडी अस्मिता, इसकी विरासत को बचाने को सामने आना होगा. 1932 के खतियान के आधार पर सारी नीतियां तय करनी होंगी. आज सरकारी बंदिशों के बावजूद पार्टी सिपाही रांची में जुटे और सर्वोच्च पंचायत तक अपनी बात पहुंचायी. अब 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीमरांव आंबेडकर की जयंती के मौके पर पूरे राज्य में पार्टी सड़कों पर उतरेगी. राज्य सरकार से न्याय मांगा जायेगा. वादाखिलाफी पर सवाल उठेंगे. मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे ताकि कानून व्यवस्था की अराजक स्थिति ना पैदा हो.
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संघर्षों से उपजी पार्टी को केस मुकदमे का डर नहीं
सुदेश कुमार महतो ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं को केस मुकदमा के नाम पर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में आने से रोका गया. पर हकीकत यह है कि संघर्ष से उपजी हुई आजसू पार्टी को लाठी-डंडों, पुलिस-बैरिकेड और केस-मुकदमे के बल से दुनिया की कोई भी सरकार चुप करा नहीं सकती.
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने 1932 के खतियान के आधार पर लोगों को उलझा रखा है. इसके आधार पर स्थानीय नीति, नियोजन नीति का भरोसा देने वाली सरकार अब बैकफुट पर जाकर धोखा देने में लगी है. युवाओं को रोजगार, बेरोजगारी भत्ता, किसानों को 2 लाख तक की लोन माफी और दूसरी सुविधाओं पर भी वह केवल छलावा कर रही है. आजसू पार्टी लगातार इस सरकार को झारखंड हित में कदम उठाये जाने को मजबूर करती रहेगी.
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