
Latehar: राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित सुनीता देवी एवं लातेहार कि एडीएफ शुभ्रा सेन ने महिलाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए आदिवासी महिलाओ के साथ महुआ चुना.
महुआ चुनने के दौरान दोनों महिलाओं ने महिलाओं को मतदान का महत्व और उसकी बारीकियां बतायीं. इसका सुखद परिणाम भी दिखायी पड़ा.
कई आदिवासी महिलाओं ने कहा कि वे मतदान के दिन पहले मतदान करेंगी, फिर महुआ चुनने का काम करेंगी.
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स्वीप के तहत कार्यकर्म चलाया जा रहा है : एडीएफ
एडीएफ शुभ्रा सेन ने बताया कि स्वीप कार्यक्रम के तहत शहरी और ग्रामीण महिलाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा है. बताया कि मतदान हर नागरिक का मौलिक अधिकार है.
ग्रामीण इलाकों में लोग उतने जागरूक नहीं हैं. इसलिए लातेहार जिला प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.
यदि लातेहार का अंतिम व्यक्ति भी मतदान करेगा तो जाहिर सी बात है मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा और एक मजबूत लोकतंत्र की स्थापना होगी.
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मैं जो कल थी वही आज भी हूं: सुनीता देवी
लातेहार की रानी मिस्त्री सुनीता देवी हाल ही में राष्ट्रपति सम्मान से नवाजी गयी हैं. सुनीता देवी ने बताया कि जो मैं कल थी वो आज भी हूं.
सुनीता ने बताया कि महुआ चुनना या बिछना आदिवासी परम्परा है. आदिवासी का वन सम्पदा पर अपना अधिकार है. ये अधिकार आदिवासी को उसके जन्म से मिल जाता है. एक और अधिकार, जो संविधान ने आदिवासी को दिया है, वह है मतदान का अधिकार.
ग्रामीण क्षेत्र की आदिवासी महिला इसके प्रति जागरूक नहीं हैं. हम सभी का कर्तव्य है कि हम उन्हें जागरूक करें.
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