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मुख्यमंत्री पशुधन योजनाः 90 फीसदी अनुदान के साथ स्कीम का मिलेगा लाभ, दिव्यांगों, विधवा महिलाओं व निःशक्त दंपत्तियों को प्राथमिकता

Principal Correspondent

Ranchi:  ग्रामीण पशुपालकों, युवाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने को वित्तीय वर्ष 2023-23 में भी मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का लाभ दिया जायेगा. इसके लिए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड ने योजना और लक्ष्य तय कर लिया है. इसके लिए क्षेत्रीय उप योजनांतर्गत एक अरब 60 करोड़ 11 लाख 88 हजार रुपये, अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजनांतर्गत 60 करोड़ 59 लाख 82 हजार रुपये, जनजातीय क्षेत्र उप योजनांतर्गत एक अरब 27 करोड़ 95 लाख 2 हजार रुपये यानि कुल तीन अरब 48 करोड़ 66 लाख 72 हजार रुपये की राशि तय की गयी है.

इस तरह से मिलना है लाभ

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बकरा विकास योजना, सुकर विकास, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट (लो इनपुट लेयर कुक्कुट पालन), ब्रायलर कुक्कुट पालन, बत्तख चूजा वितरण, दो दूधारू गाय, भैंस वितरण योजना, कामधेनु डेयरी फार्मिंग अंतर्गत मिनी डेयरी (5 गाय या भैंस) तथा हस्त एवं विद्युत चालित चैफ कटर का वितरण, प्रगतिशील डेयरी कृषकों को मदद, तकनीकी इनपुट सामग्रियों का वितरण भी किया जाना है. बत्तख चूजा इकाई (15 चूजा), बकरी इकाई, सूकर इकाई, ले इनपुट देशी लेयर इकाई (400 चूजा शेड) क्रेज सहित और ब्रायलर कुक्कुट इकाई (500) शेड के लिए एसटी, एससी, असहाय विधवा औरत, दिव्यांग, निःशक्त दंपत्ति (जिनकी उम्र कम से कम 50 वर्ष) को 90 फीसदी तक अनुदान मिलेगा. अन्य सभी वर्गों के लाभुकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलना है. दो दुधारू गाय या भैंस इकाई (शेड सहित), 5 दुधारू गाय या भैंस इकाई, 10 दुधारू गाय या भैंस इकाई योजना में एससी, एसटी तथा दुग्ध सहकारी समिति के लाभुकों को 75 फीसदी और दूसरों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.

विद्युत चालित चाफ कटर (1 इकाई), हस्त चालित चाफ कटर (1 इकाई), मिल्किंग मशीन, वर्मी कंपोस्ट यूनिट (1 इकाई), पनीर एवं खोया मेकिंग यूनिट (1 इकाई), डीप बोरिंग, काउ मैट, संतुलित पशु आहार, एरिया स्पेसिफिक मिनरल मिक्सचर, शीतवर्धक सप्लीमेंट के लिए एसटी, एससी, दुग्ध सहकारी समिति के लोगों को 90 फीसदी और दूसरों को 75 फीसदी तक अनुदान मिलेगा.

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने ग्रामीण युवाओं को स्व नियोजित कर आत्मनिर्भर बनाने और उसके पलायन रोकने के लिहाज से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना प्रारंभ की है. वित्तीय वर्ष 2020-21 से ही इसे शुरू किया गया था. कृषि, पशुपालन विभाग के अलावा ग्रामीण विकास विभाग और कल्याण विभाग द्वारा इसे संचालित किया जा रहा है. कई प्रकार की लाभुकोन्मुखी योजनाओं का कार्यान्वयन इस योजना के तहत अभिसरण करते हुए समेकित रूप से किया जा रहा है.

 

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